DGGI ने 18 विदेशी शिपिंग कंपनियों को 3000 करोड़ का टैक्स नोटिस वापस लिया: रिपोर्ट

DGGI ने जिन 18 विदेशी शिपिंग कंपनियों को टैक्स डिमांड भेजी थी, उनमें Maersk, Orient Overseas Container Line और Hapag Lloyd Mediterranean Shipping जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों को जुलाई 2027 के बाद से सेवाओं के इंपोर्ट पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) नहीं चुकाने के लिए नोटिस भेजे गए थे

अपडेटेड Aug 24, 2024 पर 12:08 PM
DGGI ने इस साल फरवरी में इंडिया में ऑपरेट करने वाली सभी विदेशी शिपिंग कंपनियों को समन भेजे थे।

डीजीजीआई ने इंडिया में ऑपरेट करने वाली 18 विदेशी शिपिंग कंपनियों को भेजी गई 3,000 करोड़ रुपये टैक्स की डिमांड वापस ले ली है। यह टैक्स डिमांड फाइनेंशियल ईयर 2017-18 के लिए थी। इकोनॉमिक टाइम्स ने यह खबर दी है। इस खबर में कहा गया है कि बाद के सालों के लिए भेजी गई टैक्स डिमांड बनी रहेगी। डीजीजीआई के इस कदम से Maersk, Orient Overseas Container Line और Hapag Lloyd Mediterranean Shipping जैसी विदेशी कंपनियों को राहत मिली है।

2017 के बाद जीएसटी नहीं चुकाने पर भेजे गए थे नोटिस

इन कंपनियों को जुलाई 2027 के बाद से सेवाओं के इंपोर्ट पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) नहीं चुकाने के लिए नोटिस भेजे गए थे। खबर में बताया गया है कि इन विदेशी शिपिंग कंपनियों (Foreign Shipping Companies) ने संयुक्त रूप से शपथपत्र (Undertaking) दिया था कि फाइनेंशियल ईयर 2017-18 में सेवाओं का कोई आयात नहीं हुआ है। मनीकंट्रोल इस खबर को स्वतंत्र रूप से वेरिफाय नहीं कर पाया है।


जून के सर्कुलर में जीएसटी काउंसिल कर सकती है बदलाव

सीएनबीसी-टीवी18 ने बताया था कि केंद्र सरकार इंफोसिस, विदेशी शिपिंग कंपनियों और विदेशी एयरलाइंस को जीएसटी मामले में राहत दे सकती है। उसने यह भी बताया था कि सरकार जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में जून के सर्कुलर में बदलाव करने पर भी विचार कर सकती है। जीएसटी की अगली बैठक 9 सितंबर को होने वाली है। मनीकंट्रोल ने अप्रैल में बताया था कि सरकार सेवाओं के इंपोर्ट के समय से जीएसटी चुकाने से शिपिंग कंपनियों और एयरलाइंस को छूट दे सकती है।

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डीजीजीआई ने फरवरी में भेजे थे समन

DGGI ने इस साल फरवरी में इंडिया में ऑपरेट करने वाली सभी विदेशी शिपिंग कंपनियों को समन भेजे थे। इसमें कहा गया था कि उनके ब्रांच ऑफिसेज ने सेवाओं पर रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के तहत जीएसटी नहीं चुकाए हैं। इन सेवाओं में रेटंल, एयरक्राफ्ट का मेंटेनेंस और क्रू को विदेश में दी गई सैलरी शामिल हैं।

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