केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आज 14 मई को दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्प लिमिटेड (DHFL) के पूर्व डायरेक्टर धीरज वधावन को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 34000 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में की गई है। इसके साथ ही वधावन को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि वधावन को 13 मई की शाम को मुंबई से हिरासत में लिया गया। उन्होंने आगे कहा कि वधावन को मंगलवार को दिल्ली की एक स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पहले ही दायर हो चुका है आरोप पत्र
मामले के सिलसिले में 2022 में वधावन के खिलाफ पहले ही सीबीआई द्वारा आरोप पत्र दायर किया जा चुका है। वधावन को पहले एजेंसी ने यस बैंक (Yes Bank) भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया था और वे जमानत पर थे। सीबीआई ने 17 बैंकों के कंसोर्टियम से 34000 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में धीरज वधावन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। यह देश में अब तक का सबसे बड़ा बैंकिंग लोन फ्रॉड का मामला है।
इसके पहले फरवरी 2024 में DHFL के पूर्व प्रमोटर्स धीरज वधावन और कपिल वधावन के बैंक खातों के साथ-साथ शेयरों और म्यूचुअल फंड्स को कुर्क करने का आदेश जारी हुआ था। यह आदेश सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने 22 लाख रुपये से अधिक के बकाया की वसूली को लेकर दिया था। खुलासा मानदंडों के उल्लंघन के मामले में सेबी ने दोनों भाइयों पर पिछले साल जुलाई में जुर्माना लगाया था। हालांकि दोनों भाइयों ने जुर्माना अदा नहीं किया, जिसके बाद यह आदेश जारी किया गया है। DHFL को अब पीरामल फाइनेंस के नाम से जाना जाता है।