शराब बनाने वाली दिग्गज कंपनी Diageo Plc की भारतीय शाखा की प्रमुख हिना नागराजन (Hina Nagarajan) और भारत सरकार के बीच व्हिस्की (Whisky) के मूल्य पर लागू कैप (अधिकतम सीमा) को लेकर गतिरोध पैदा हो गया है। बता दें कि सरकार द्वारा शराब की कीमतों पर लागू अधिकतम कीमत की सीमा की वजह से कंपनी को पहले से ही 90 लाख डॉलर का नुकसान हो चुका है। अब Diageo Plc की भारतीय शाखा ने whiskey की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते भारत में कुछ ब्रांडें की बिक्री रोक दी है।
बाजार जानकारों का कहना है कि कंपनी पर इसका उलटा असर भी हो सकता है। जानकारों का कहना है कि United Spirits ने देश के कुछ राज्यों में महंगाई बढ़ने के बावजूद व्हिस्की (Whisky)की कीमतों में बढ़ोतरी पर लागू प्रतिबंध को देखते हुए कुछ ब्रैंड की व्हिस्की की बिक्री रोक दी है। ये निर्णय कंपनी पर ही भारी पड़ सकता है।
मुंबई स्थित दौलत कैपिटल में पिछले महीने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि मार्जिन में लगातार दबाव के बीच व्हिस्की की ब्रिक्री पर रोक कंपनी के लिए गलत दांव साबित हो सकता है। उत्पादन लागत में डबल डिजिट की बढ़ोतरी के दौर में इस तरह के निर्णय से कंपनी को घाटा हो सकता है।
Diageo Plc की हीना नागराजन (Hina Nagarajan)ने बंगलुरु में हाल में दिए गए एक इंटरव्यू में कहा था कि कंपनी के इस कदम से इसके मार्केट शेयर पर कुछ असर पड़ सकता है। इस बातचीत में उन्होंने यह भी कहा था कि उनको उम्मीद है कि सितंबर के अंत तक प्राइसिंग के मुद्दे का कोई समाधान निकल जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर 5 राज्यों के साथ बातचीत जारी है। वहीं हरियाणा, राजस्थान, उत्तरप्रदेश जैसे राज्यों में कीमतों में बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। बता दें कि Diageo Plc देश भर में कई जाने माने अल्कोहल ब्रांड्स की बिक्री करती है जिसमें Johnnie Walke और Smirnoff ब्रांड शामिल हैं।
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