Eicher Motors GST Demand Order: बुलेट बाइक वाली रॉयल एनफील्ड की पेरेंट कंपनी आयशर मोटर्स से तमिलनाडु की टैक्स अथॉरिटी ने 129.79 करोड़ रुपये के जीएसटी की मांग की थी। लेकिन इस आदेश के खिलाफ कंपनी की अपील पर इस डिमांड ऑर्डर को घटाकर 26.97 करोड़ रुपये कर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि यह संशोधित मांग भी सही नहीं है। आयशर मोटर्स ने शेयर बाजारों को बतया कि 30 दिसंबर, 2023 को एडिशनल कमिश्नर, चेन्नई नॉर्थ कमिश्नरेट से उसे कुल 129.79 करोड़ रुपये की जीएसटी डिमांड का ऑर्डर मिला था। इसमें 117.99 करोड़ रुपये की टैक्स मांग और 11.79 करोड़ रुपये का जुर्माना शामिल था।
Eicher Motors के मुताबिक, ‘‘इस जीएसटी मांग आदेश के खिलाफ कंपनी की ओर से दायर अपील के परिणामस्वरूप, डिमांड ऑर्डर अब 129.79 करोड़ रुपये से संशोधित कर कुल 26.97 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसमें 24.52 करोड़ रुपये की टैक्स मांग और 2.45 करोड़ रुपये का जुर्माना शामिल है।’’
किस वजह से मांगा गया है GST
मामला वित्त वर्ष 2017-18 के लिए कंपनी की ओर से भुगतान किए गए ‘आउटपुट टैक्स’ देनदारी के बजाय लौटाए गए मैटेरियल पर ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ के नॉन रिवर्सल से संबंधित है। आयशर मोटर्स ने कहा, ‘‘कंपनी के आकलन के आधार पर, संशोधित मांग भी कायम रखने योग्य नहीं है और कंपनी इस आदेश के खिलाफ अपील दायर करने सहित सभी विकल्पों का मूल्यांकन कर रही है।’’ कंपनी के मुताबिक, इस आदेश से उसके फाइनेंशियल्स, ऑपरेशंस या अन्य गतिविधियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
इंफोसिस को भेजा गया 32,400 करोड़ का GST नोटिस लिया गया वापस
जीएसटी के कर्नाटक प्राधिकरण ने आईटी कंपनी इंफोसिस को भेजा गया लगभग 32,400 करोड़ रुपये की मांग का कारण बताओ नोटिस वापस ले लिया है। इसके साथ ही कर्नाटक प्राधिकरण ने आईटी कंपनी को निर्देश दिया है कि वह इस मसले पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (डीजीजीआई) के केंद्रीय प्राधिकरण को एक नया जवाब दे। इंफोसिस को जीएसटी अधिकारियों ने 2017 से शुरू होने वाले 5 वर्षों के लिए अपनी विदेशी शाखाओं से मिली सेवाओं पर 32,403 करोड़ रुपये का नोटिस दिया था। हालांकि कंपनी ने कहा था कि संबंधित मामले में उसकी जीएसटी देनदारी नहीं बनती है।