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Explained: क्या है ₹4,760 करोड़ का GTL बैंक घोटाला? कैसे 24 बैंकों को एक साथ दिया गया धोखा? जानें

CBI ने 4,760 करोड़ रुपये के एक बैंक घोटाले मामले में जीटीएल लिमिटेड, कुछ अज्ञात बैंकरों और डायरेक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन सभी पर फर्जी कंपनियों का एक पूरा मायाजाल बनाकर बैंक के पैसों को डायवर्ट करने और उसे हड़पने का आरोप है। आइए समझते हैं क्या है यह पूरा मामला?

Moneycontrol Newsअपडेटेड Jan 27, 2023 पर 9:42 PM
Explained: क्या है ₹4,760 करोड़ का GTL बैंक घोटाला? कैसे 24 बैंकों को एक साथ दिया गया धोखा? जानें
GTL Bank Fraud Case: यह घोटाला कथित रूप से 2009 से 2012 के बीच हुआ था

GTL Bank Fraud Case: केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने 4,760 करोड़ रुपये के एक बैंक घोटाले मामले में जीटीएल लिमिटेड, कुछ अज्ञात बैंकरों और डायरेक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन सभी पर फर्जी कंपनियों का एक पूरा मायाजाल बनाकर बैंक के पैसों को डायवर्ट करने और उसे हड़पने का आरोप है। जांच एजेंसी के मुताबिक, कंपनी ने हेराफेरी करके 20 से अधिक बैंकों वाले एक समूह से लोन हासिल किया था। फिर लोन में मिले अधिकतर पैसों का इसने कुछ बैंक अधिकारियों और वेंडरों के साथ मिलकर गबन कर लिया। क्या है यह पूरा मामला और कैसे हुआ यह घोटाला, आइए विस्तार से समझते हैं-

सबसे पहले समझते हैं कि यह GTL लिमिटेड क्या है?

GTL का गठन 23 दिसंबर 1987 को एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में हुआ था। 12 सितंबर 1991 को इसे एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी में बदल दिया गया। यह कंपनी भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में टेलीकॉम ऑपरेटरों को टेलीकॉम नेटवर्क को लगाने से जुड़ी सेवाएं, उसका संचालन और रखरखाव आदि की सेवाएं मुहैया करने के कारोबार में लगी हुई है। मनोज तिरोडकर और ग्लोबल होल्डिंग कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड इसके प्रमोटर हैं।

क्या है यह पूरा मामला?

यह मामला एक बैंक लोन फ्रॉड से जुड़ा हुआ है, जो कथित रूप से 2009 से 2012 के बीच में हुई था। सीबीआई के मुताबिक, कंपनी ने बैंकों के एक समूह से धोखाधड़ी करके कई सारे क्रेडिट सुविधाएं हासिल की और इस लोन का अधिकांश पैसा कुछ बैंक अधिकारियों और वेंडरों के साथ मिलीभगत डायवर्ट कर लिया।

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