इस साल की दूसरी छमाही में एफएमसीजी कंपनियों की परफॉर्मेंस में फेस्टिव सीजन का अहम योगदान होगा। जानकारों के मुताबिक, इस वजह से कंपनियों का विज्ञापन पर खर्च भी बढ़ सकता है। साल 2023 की पहली छमाही में फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) कंपनियों के टेलीविजन विज्ञापन वॉल्यूम में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 6 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह ग्रामीण बाजारों में मांग में तेजी रही।
TAM AdEx की छमाही विज्ञापन रिपोर्ट के मुताबिक, मई में विज्ञापन वॉल्यूम की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा यानी 17.5 पर्सेंट रही, जबकि अप्रैल में यह आंकड़ा 17.1 पर्सेंट था। फरवरी में विज्ञापन वॉल्यूम सबसे कम यानी 15.6 पर्सेंट था।
आनंद राठी इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Anand Rathi Institutional Equities) में रिसर्च एनालिस्ट अजय ठाकुर ने बताया, 'मांग में बढ़ोतरी होने पर कंपनियां विज्ञापन खर्च में भी बढ़ोतरी करती है और इस वजह से विज्ञापन वॉल्यूम बढ़ जाता है। एफएमसीजी कंपनियों का ग्रॉस मार्जिन भी बेहतर हो रहा है और इसका इस्तेमाल भी विज्ञापन खर्च बढ़ाने में हो सकता है।'
इस साल की पहली छमाही के दौरान कुल विज्ञापन वॉल्यूम में 10 प्रमुख कैटगरी की हिस्सेदारी 45 पर्सेंट रही। आंकड़ों के मुताबिक, एफएमसीजी सेगमेंट में सबसे ज्यादा विज्ञापन हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever) ने दिया और विज्ञापन वॉल्यूम में उसकी हिस्सेदारी 23 पर्सेंट रही। डेटॉल बनाने वाली कंपनी रेकिट बेनकाइजर (इंडिया) इस सूची में छठे स्थान पर रही। इस साल की पहली छमाही के विज्ञापन वॉल्यूम में टॉप 10 विज्ञापनदाताओं की हिस्सेदारी 68 पर्सेंट रही।
एक्सिस सिक्योरिटीज (Axis Securities) में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट प्रियम तोइला ने बताया, 'कच्चे माल की कीमतें स्थिर रही हैं, लिहाजा कंपनियां इस मोर्चे पर मिली राहत का इस्तेमाल वॉल्यूम बढ़ाने में करेंगी। साथ ही, कंपनियां मार्केट शेयर में बढ़ोतरी के लिए विज्ञापन खर्च में भी बढ़ोतरी करेंगी।' एफएमसीजी समेत पूरे कंज्यूमर सेक्टर के लिए इस साल की दूसरी छमाही बेहद अहम है। उन्होंने कहा, 'इन वजहों से कंज्यूमर कंपनियां विज्ञापन खर्च में बढ़ोतरी कर सकती हैं, जिससे विज्ञापन वॉल्यूम में बढ़ोतरी होगी।' फेस्टिवल सीजन के दौरान लोग कपड़ों, यात्रा और बड़े आइटम पर ज्यादा खर्च करते हैं।