अमेरिकी इनवेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने भारत के रियल एस्टेट मार्केट में अगले तीन सालों 2 से 3 अरब डॉलर निवेश करने की योजना बनाई है। इस मामले से वाकिफ कई सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि Goldman Sachs ने निवेश के वैकल्पिक स्रोत के रूप में अगले 5 सालों में एशिया में 30 अरब डॉलर लगाने की योजना बनाई है। यह निवेश इसी योजना का हिस्सा है।
पिछले दशक के अंत में आए ग्लोबल वित्तीय संकट के बाद से ही भारतीय रियल एस्टेट मार्केट में पिछले एक दशक से धीमी ग्रोथ देखी जा रही थी। हालांकि पिछले कुछ समय से आवासीय घरों की बिक्री में आए उछाल के बीच भारत के प्रॉपर्टी मार्केट में फिर से मांग बढ़ती हुई दिख रही है। इसे देखते हुए Goldman Sachs इस बाजार में वापस आने की योजना बना रही है।
एक रिपोर्ट के मुकाबिक Goldman Sachs ने चीन के रियल एस्टेट मार्केट में करीब 2.5 अरब डॉलर का निवेश किया हुआ है। न्यूयॉर्क मुख्यालय वाली गोल्डमैन सैक्स ने इस खबर पर कोई टिप्पणी नहीं दी।
ब्लूमबर्ग की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, Goldman Sachs एशिया में वैकल्पिक निवेश की योजना के तहत भारत, चीन और दक्षिण कोरिया में अपनी उपस्थिति बढ़ाना चाहती है। गोल्डमैन सैक्स की समकक्ष कंपनियों- KKR और Blackstone ने भी भारतीय रियल एस्टेट मार्केट में अपना निवेश बढ़ाया है।
KKR ने रियल एस्टेट में एक बड़ी लोन बुक बना ली है, जबकि ब्लैकस्टोन और उसके सहयोगी भारत में कमर्शियल प्रॉपर्टी के सबसे बड़े मालिक बन गए हैं।
एक सूत्र ने बताया, "गोल्डमैन पिछले दो या तीन सालों से रियल एस्टेट में अधिकतर क्रेडिट डील कर रही थी। हालांकि अब, वे अधिक रिटर्न वाले उत्पादों पर ध्यान क्रेंदित करना चाहते हैं और इनमें इक्विटी और डेट दोनों शामिल हैं।" इससे पहले 2019 में, गोल्डमैन पिरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस से लोधा ग्रुप का 2,000 करोड़ रुपये का लोन खरीदा था।