गूगल (Google) ने अपने क्लाउड डिवीजन में कर्मचारियों की छंटनी की है। इसके दायरे में थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप और 2022 में खरीदी गई साइबर-सिक्योरिटी कंपनी मैंडिएंट (Mandiant) के कर्मचारी भी हैं। बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। पिछले 2 हफ्तों में हुई यह छंटनी बड़ी टेक कंपनियों में छंटनी का लेटेस्ट राउंड है। ये कंपनियां आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) पर फोकस और खर्च बढ़ा रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, Google का थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप, मैंडिएंट और गूगल क्लाउड के दूसरे हिस्सों के कर्मचारी भी छंटनी के इस राउंड से प्रभावित हुए है। थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप, कंपनी की टॉप सिक्योरिटी रिसर्च यूनिट्स में से एक है। यह टीम हैकर्स की गतिविधियों और ग्लोबल साइबर खतरों पर रिपोर्ट पब्लिश करने के लिए जानी जाती है। प्रभावित कर्मचारियों में से कुछ ने लिंक्डइन पर छंटनी के बारे में पोस्ट भी डाली हैं। कुल कितने कर्मचारियों की छंटनी हुई है, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
हाल ही में Meta में निकाले गए 10 प्रतिशत कर्मचारी
20 मई को खबर आई कि मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा ने बड़े पैमाने पर रीस्ट्रक्चरिंग के तहत दुनिया भर में अपने 10 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। इतना ही नहीं 7,000 अन्य कर्मचारियों को AI वर्कफ्लो से जुड़ी नई पहलों में भेज दिया। मई महीने में ही अमेरिकी कंपनी क्लाउडफ्लेयर (Cloudflare) ने दुनिया भर में 1,100 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। यह संख्या उसके कुल कर्मचारियों का लगभग 20 प्रतिशत है।
क्लाउडफ्लेयर, इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सिक्योरिटी कंपनी है। छंटनी का सबसे ज्यादा असर मिडिल मैनेजमेंट पर पड़ा। छंटनी का ज्यादातर असर उन ऑपरेशनल और मैनेजमेंट फंक्शंस पर पड़ा है, जिन्हें अब AI प्रणालियों का इस्तेमाल करके ऑटोमेटेड या कंसोलिडेट किया जा सकता है। Cloudflare ने मिडिल मैनेजमेंट में ऑपरेशंस टीम्स को आपस में मिला दिया है, और अपनी मार्केटिंग व फाइनेंस डिवीजंस के कुछ हिस्सों को सुव्यवस्थित किया है। इसके अलावा यह भी खबर आई कि सोशल नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन (LinkedIn) भी 5 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी करने वाली है।