Indians in USA: भारतीयों का धमाल, शुरू की अमेरिका में 96 यूनिकॉर्न, इजरायल-चीन भी छूटे पीछे

Indians in US: अमेरिका में भारतीयों की धूम मची हुई है। वह सिर्फ वहां की कंपनियों में काम ही नहीं कर रहे बल्कि 96 यूनिकॉर्न यानी $100 करोड़ या इससे अधिक वैल्यू वाली कंपनियों के फाउंडर या को-फाउंडर्स हैं जिन्होंने औसतन 833 नौकरियां बनाईं। इस मामले में भारतीय दुनिया के किसी भी देश के लोगों की तुलना में सबसे आगे हैं और इजरायल-चीन जैसे देश भी पीछे छूट गए। डिटेल्स में पढ़ें

अपडेटेड Jun 05, 2026 पर 1:20 PM
NFAP की स्टडी के मुताबिक 455 इमिग्रेंट ने अमेरिका में जितने यूनिकॉर्न्स शुरू किए हैं, उनकी कुल वैल्यू मिलाकर करीब $5 ट्रिलियन यानी $5 लाख करोड़ है।

Indians in USA: गैर-अमेरिकी नागरिकों ने अमेरिका में तगड़ा कारोबार खड़ा किया है और अब सामने आ रहा है कि इसमें भारतीय काफी आगे हैं। अमेरिका में इमिग्रेंट फाउंडर्स या को-फाउंडर्स की जितनी यूनिकॉर्न हैं यानी जितनी बिलियन डॉलर कंपनियां हैं, उनमें से अधिकतर भारतीय मूल के आंत्रप्रेन्योर्स की है। यह खुलासा NFAP (नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी (NFAP) की एक स्टडी में हुआ है। अमेरिका की नॉन-प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन NFAP की स्टडी के हिसाब से 96 अमेरिकी यूनिकॉर्न कंपनियों को भारतीय मूल के आंत्रप्रेन्योर ने शुरू की है। इनमें Perplexity AI भी एक है, जिसके को-फाउंडर अरविंद श्रीनिवास हैं। यह करीब $2000 करोड़ की कंपनी है और लिस्ट में 12वें स्थान पर है।

एनएफएपी की 'इमिग्रेंट्स एंड यूएस बिलियन-डॉलर कंपनीज' स्टडी में स्टुअर्ट एंडरसन ने जिक्र किया कि अमेरिका की 775 प्राइवेट यूनिकॉर्न में से 455 यानी 59% अमेरिका के बाहर के आंत्रप्रेन्योर्स ने शुरू किया है। इमिग्रेंट फाउंडर्स की कंपनियों ने औसतन हर कंपनी 833 नौकरियां तैयार की हैं। लगभग 66% यूनिकॉर्न कंपनियां प्रवासियों या उनके बच्चों ने शुरू की है तो करीब 80% अमेरिकी यूनिकॉर्न में इमिग्रेंट यानी प्रवासी या तो फाउंडर है या फिर सीईओ, वाइस प्रेसिडेंट ऑफ इंजीनियरिंग जैसी अहम भूमिकाओं में हैं। एक और अहम बात स्टडी में सामने आई है कि इंटरनेशनल स्टुडेंट्स के रूप में अमेरिकी यूनिवर्सिटीज में पढ़ने वाले आंत्रप्रेन्योर्स ने अमेरिका में $18.3 हजार करोड़ की कंपनियां शुरू की हैं।

अमेरिका में यूनिकॉर्न बनाने में भारतीय सबसे आगे


NFAP की स्टडी के मुताबिक अमेरिका में 96 यूनिकॉर्न के साथ भारतीय मूल के आंत्रप्रेन्योर्स सबसे आगे हैं। इसके बाद 60 यूनिकॉर्न कंपनियों के साथ इजरायल का नंबर है।

देश  यूनिकॉर्न कंपनियों की संख्या
भारत 96
इजरायल 60
यूनाइटेड किंगडम (यूके) 47
चीन 41
कनाडा 30
रूस 23
फ्रांस 21
जर्मनी 18
यूक्रेन 16
ऑस्ट्रेलिया 14
पाकिस्तान 10
रोमानिया 10

कई यूनिकॉर्न बनाए भारतीय मूल के 15 उद्यमियों ने

NFAP की स्टडी के मुताबिक कम से कम 15 ऐसे प्रवासी उद्यमी हैं, जिन्होंने दो या इससे अधिक यूनिकॉर्न शुरू की हैं। इसमें भारतीय मूल के भी 6 आंत्रप्रेन्योर्स यानी उद्यमी हैं जैसे कि मोहित अरोन, ज्योति बंसल, आशुतोष गर्ग, अरविंद जैन, सचिन नैयर और अजीत सिंह।

लेबनान मूल के आंत्रप्रेन्योर Noubar Afeyan ने पांच यूनिकॉर्न्स- मोडेर्ना (Moderna), इंडिगो एजी (Indigo Ag), जेनेरेट बॉयोमेडिसिन्स (Generate Biomedicines), टेस्सेरा थेरेप्यूटिरक्स (Tessera Therapeutics), और लीला साइसेंज (Lila Sciences) शुरू किए। दक्षिण अफ्रीकी मूल के एलॉन मस्क भी चार यूनिकॉर्न्स- स्पेसएक्स (SpaceX), ओपनएआई (OpenAI), द बोरिंग कंपनी (The Boring Company), और न्यूरालिंक (Neuralink) के या तो फाउंडर्स हैं या को-फाउंडर्स। वह टेस्ला (Tesla) के सीईओ भी हैं।

टॉप पर है Elon Musk की SpaceX

NFAP की स्टडी के मुताबिक 455 इमिग्रेंट ने अमेरिका में जितने यूनिकॉर्न्स शुरू किए हैं, उनकी कुल वैल्यू मिलाकर करीब $5 ट्रिलियन यानी $5 लाख करोड़ है। इसमें भी टॉप पर $1.5 ट्रिलियन की वैल्यू के साथ एलॉन मस्क की स्पेसएक्स है।

कंपनी वैल्यू
SpaceX $1.5 लाख करोड़
Anthropic $96.5 हजार करोड़
OpenAI $85.2 हजार करोड़
Databricks $13.4 हजार करोड़
Stripe  $10.67 हजार करोड़
Ramp $3.2 हजार करोड़
Safe Superintelligence $3.2 हजार करोड़
Anysphere $2.93 हजार करोड़
Cerebras Systems $2.3 हजार करोड़
Epic Games $2.25 हजार करोड़
Chobani $2.00 हजार करोड़
Perplexity AI $2.00 हजार करोड़
Miro $1.75 हजार करोड़

देश का पहला यूनिकॉर्न स्टार्टअप InMobi ला सकता है $50 करोड़ से ज्यादा का IPO, 8 इनवेस्टमेंट बैंकों से किया कॉन्टैक्ट

Moneyview IPO: फिनटेक यूनिकॉर्न Moneyview लाने जा रही ₹1,500 करोड़ का आईपीओ, दिग्गज निवेशक बेचेंगे हिस्सेदारी

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।