Google से निकाले जा रहे हैं सैकड़ों कर्मचारी, क्या भारत में भी गिरेगी गाज?

Google लगातार कॉस्ट कटिंग कर रही है। ताजा छंटनी भी उसी का नतीजा है। इस छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों में Google Assistant, ऑगमेंटेड रिएलिटी हार्डवेयर टीम, के साथ-साथ सेंट्रल इंजीनियरिंग ऑर्गेनाइजेशन के लोग भी शामिल हैं। अल्फाबेट वर्कर्स यूनियन ने कंपनी क इस कदम की आलोचना की है। Google की पेरेंट कंपनी Alphabet Inc है

अपडेटेड Jan 11, 2024 पर 11:01 AM
Google की पेरेंट कंपनी Alphabet Inc है।

अल्फाबेट इंक की Google अपनी डिजिटल असिस्टेंट, हार्डवेयर और इंजीनियरिंग टीम्स में से सैकड़ों कर्मचारियों की छंटनी कर रही है। कंपनी ने कहा है कि उसकी ओर से लागत में कटौती किया जाना जारी है। यह बात ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट से सामने आई है। प्रभावित कर्मचारियों में वॉइस बेस्ड Google Assistant और ऑगमेंटेड रिएलिटी हार्डवेयर टीम के लोग शामिल हैं। इसके अलावा गूगल के सेंट्रल इंजीनियरिंग ऑर्गेनाइजेशन के कर्मचारी भी छंटनी से प्रभावित हुए हैं।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, Google के एक प्रवक्ता ने बयान में कहा है, "2023 की दूसरी छमाही के दौरान, हमारी कई टीमों ने अधिक कुशल बनने, बेहतर काम करने और अपने संसाधनों को अपनी सबसे बड़ी उत्पाद प्राथमिकताओं के साथ अलाइन करने के लिए बदलाव किए। कुछ टीमें इस प्रकार के संगठनात्मक बदलाव जारी रख रही हैं, जिसमें वैश्विक स्तर पर कुछ भूमिकाओं को समाप्त करना शामिल है।"

गूगल की इस ताजा छंटनी को लेकर सबसे पहले सीमफॉर ने रिपोर्ट दी थी कि गूगल असिस्टेंट टीम में छंटनी हो रही है। वहीं 9to5Google ने हार्डवेयर टीम में रीऑर्गेनाइजेशन की खबर दी थी। गूगल का कहना है कि जिन कर्मचारियों की छंटनी हो रही है, उन्हें सूचना मिलना शुरू हो गया है।


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गूगल के इस कदम की अल्फाबेट वर्कर्स यूनियन ने आलोचना की है। यूनियन ने कहा कि हमारे सदस्य और टीम के साथी हमारे यूजर्स के लिए बेहतरीन प्रोडक्ट बनाने के लिए हर दिन कड़ी मेहनत करते हैं। कंपनी हर तिमाही में अरबों कमाने के बावजूद हमारे कोवर्कर्स को नौकरी से नहीं निकाल सकती है। जब तक हमारी नौकरियां सुरक्षित नहीं हो जातीं, हम लड़ना बंद नहीं करेंगे।

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