Amazon India को CCPA का नोटिस, प्राइम मेंबरशिप के लिए कंज्यूमर्स को मजबूर करने का आरोप

Amazon India : मामले की जानकारी रखने वाले एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि एमेजॉन का सब्सक्रिप्शन लेना एक आसान प्रक्रिया है, लेकिन इसे अन-सब्सक्राइब करना या तो असंभव है या बेहद कठिन है, जिससे यह एक तरह का अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस बन जाता है, जो इसे कंज्यूमर अफेयर के दायरे में लाता है

अपडेटेड Dec 14, 2023 पर 4:09 PM
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CCPA ने डार्क पैटर्न के कथित इस्तेमाल के चलते रिटेल दिग्गज एमेजॉन इंडिया (Amazon India) को नोटिस भेजा है

सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने डार्क पैटर्न के कथित इस्तेमाल के चलते रिटेल दिग्गज एमेजॉन इंडिया (Amazon India) को नोटिस भेजा है। कंपनी पर ग्राहकों को एमेजॉन प्राइम मेंबरशिप (Amazon Prime membership) खरीदने के लिए बरगलाने और वेबसाइट पर डार्क पैटर्न का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है। इस खबर की पुष्टि मनीकंट्रोल के कई सूत्रों ने की है। बता दें कि सरकार ने कंज्यूमर्स के हितों की रक्षा के लिए कुछ दिनों पहले ही ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर डार्क पैटर्न के इस्तेमाल को बैन किया है। साथ ही, इसके लिए गाइडलाइन भी जारी किया गया है।

नवंबर के अंतिम हफ्ते में भेजे गए एक नोटिस के मुताबिक यह एमेजॉन के प्राइम सब्सक्रिप्शन मॉडल पर मिले शिकायतों पर बेस्ड है। इस मामले पर एमेजॉन को ईमेल भेजकर सवाल पूछे गए हैं, लेकिन स्टोरी पब्लिश होने तक कंपनी का कोई जवाब नहीं आया है।

नोटिस में क्या कहा गया है?


CCPA के नोटिस में कहा गया है, "एमेजॉन डॉट इन ने जानबूझकर लाखों कंज्यूमर्स को उसकी एमेजॉन प्राइम सर्विस में एनरोल करने के लिए धोखा दिया है।" CCPA ने नोटिस में कहा कि एमेजॉन ने प्राइम सब्सक्रिप्शन को ऑटोमैटिकली रिन्यू करने के लिए कंज्यूमर्स को बरगलाने के लिए मैनिपुलेटिव, जबरदस्ती या भ्रामक यूजर-इंटरफेस डिजाइन का इस्तेमाल किया, जिन्हें "डार्क पैटर्न" के रूप में जाना जाता है।

"अन-सब्सक्राइब करना है बेहद कठिन"

मामले की जानकारी रखने वाले एक सीनियर अधिकारी ने बताया, "एमेजॉन का सब्सक्रिप्शन लेना एक आसान प्रक्रिया है, लेकिन इसे अन-सब्सक्राइब करना या तो असंभव है या बेहद कठिन है, जिससे यह एक तरह का अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस बन जाता है, जो इसे कंज्यूमर अफेयर के दायरे में लाता है।"

उन्होंने आगे कहा कि इसका सब्सक्रिप्शन ऑटोमैटिकली हो जाता है या प्लेटफॉर्म पर बोल्ड लेटर्स में इसे एडवर्टाइज किया जाता है। लेकिन अगर कोई अपना सब्सक्रिप्शन कैंसिल करना चाहे तो यह उसके लिए काफी कठिन हो जाता है। सब्सक्रिप्शन एक क्लिक में लिया जा सकता है जबकि इसे कैंसिल करने के लिए कम से कम 8-10 स्टेप की जरूरत होती है।

क्या है डार्क पैटर्न

कंपनियां या कारोबारी डार्क पैटर्न के जरिए ग्राहकों को धोखा देने या उनके पसंद को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। सरकार अपने गाइडलाइन में इसे भ्रामक विज्ञापन या अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस मानती है। ई-कॉमर्स बढ़ने के साथ ही कंज्यूमर्स को उनकी खरीदारी के विकल्पों और व्यवहार में हेरफेर करके गुमराह करने के लिए प्लेटफॉर्म द्वारा डार्क पैटर्न का तेजी से इस्तेमाल किया जा रहा है।

सरकार ने जारी किया है गाइडलाइन

सरकार ने डार्क पैटर्न के इस्तेमाल को रोकने के लिए हाल ही में गाइडलाइन जारी किया है। गाइडलाइन भारत में गुड्स और सर्विसेज ऑफर करने वाले सभी प्लेटफॉर्म, विज्ञापनदाताओं तथा सेलर्स पर भी लागू है। नए गाइडलाइन के मुताबिक डार्क पैटर्न का सहारा लेना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन होगा। इसे भ्रामक विज्ञापन या अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस माना जाएगा। ऐसा करने पर प्रोविजन ऑफ दी कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट के नियमों के अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा।

गाइडलाइन में सब्सक्रिप्शन ट्रैप का जिक्र

इस गाइडलाइन में "सब्सक्रिप्शन ट्रैप" को डिफाइन किया गया है। इसमें पेड सब्सक्रिप्शन को कैंसिल करने को असंभव या एक जटिल और लंबी प्रक्रिया बनाना शामिल है। गाइडलाइन में सब्सक्रिप्शन के कैंसलेशन ऑप्शन को छिपाना, फ्री सब्सक्रिप्शन का फायदा उठाने के लिए यूजर को पेमेंट डिटेल या ऑटो डेबिट का ऑथराइजेशन प्रदान करने के लिए बाध्य करने को भी सब्सक्रिप्शन ट्रैप माना गया है। इसमें प्री-टिक बॉक्स और चेकआउट से पहले ऑटोमैटिक रूप से शॉपिंग कार्ट में जुड़ जाने का भी जिक्र है। सूत्रों के अनुसार एमेजॉन पर "सब्सक्रिप्शन ट्रैप" और प्री-टिकिंग दोनों का आरोप है और कंपनी को इस संबंध में नोटिस भेजा गया है।

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