टैक्स कलेक्शन बढ़ने से सरकार का जोश हाई! कर्ज के जरिए फंड जुटाने का लक्ष्य 10,000 करोड़ रुपये घटाया

सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए बाजार से उधार लेकर फंड जुटाने के अपने लक्ष्य में गुरुवार 29 सितंबर को 10,000 करोड़ रुपये की कटौती की

अपडेटेड Sep 30, 2022 पर 12:03 AM
डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन इस वित्त वर्ष में अभी तक 8.36 लाख करोड़ रुपये रहा है

सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए बाजार से उधार लेकर फंड जुटाने के अपने लक्ष्य में गुरुवार 29 सितंबर को 10,000 करोड़ रुपये की कटौती की। यह बताता है कि टैक्स कलेक्शन में इस वित्त वर्ष में अच्छी तेजी आई है। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने एक बयान में कहा कि सरकार मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी छमाही यानी अक्टूबर-मार्च 2002 के दौरान कुल 5.92 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेगी। इसमें पहला सरकारी ग्रीन बॉन्ड जारी कर 16,000 करोड़ रुपये जुटाना भी शामिल है।

वित्त मंत्रालय ने आगे बताया कि सरकार ने वित्त वर्ष 2023 के बजट पेश करते समय कुल 14.31 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का अनुमान रखा था। हालांकि अब सरकार ने इसमें कटौती करते हुए कर्ज के जरिए 14.21 लाख करोड़ रुपये जुटाने का फैसला किया है।

वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया, "वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही या 23 सितंबर तक केंद्र सरकार बॉन्ड जारी करके 7.95 लाख करोड़ रुपये जुटा चुकी है। बाकी 5.92 लाख करोड़ रुपये की राशि दूसरी छमाही में जुटाने की योजना है, जो 14.21 लाख करोड़ रुपये के कुल लक्ष्य का 41.7 फीसदी है।"


इन पैसों को सिक्योरिटी मार्केट से जुटाया जाएगा। बजट में की गई घोषणा के अनुसार इसमें 16,000 करोड़ रुपये का ग्रीन बॉन्ड शामिल है। सरकार फंड जुटाने के लिए प्रत्येक नीलामी के तहत अधिक सब्सक्रिप्शन आने पर 2,000 करोड़ रुपये तक की बोली को रखने के विकल्प चुनेगी। इस विकल्प के जरिए जुटाई गई राशि दूसरी छमाही में जारी सिक्योरिटीज का 3 से 5 फीसदी होगी और ग्रॉस बॉरोइंग लिमिट के दायरे में होगी।

बता दें कि डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन इस वित्त वर्ष में अभी तक (17 सितंबर तक) 8.36 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल की इसी अवधि से करीब 30 फीसदी अधिक है।

इस तरीके से सरकार जुटाएगी फंड

कुल उधारी लक्ष्य के 6.25 फीसदी राशि को 2 साल की अवधि वाले बॉन्ड जारी करके जुटाया जाएगा।

वहीं 12.15 फीसदी राशि को 5 साल की अवधि वाले बॉन्ड जारी करके जुटाया जाएगा। जबकि 10.42 फीसदी राशि को 7 साल की अवधि वाले बॉन्ड जारी करके जुटाया जाएगा। इसके अलावा 20.83 फीसदी राशि को 10 साल की अवधि वाले बॉन्ड जारी करके जुटाया जाएगा। जबकि 19.10 फीसदी राशि को 14 साल की अवधि वाले बॉन्ड जारी करके जुटाया जाएगा। बाकी बचे 15.63 राशि को 30 साल की अवधि वाले बॉन्ड जारी करके जुटाया जाएगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।