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SCI और NSL: इन 2 सरकारी कंपनियों का इसी साल हो सकता है निजीकरण, PMO से मंजूरी मिलने का इंतजार

सरकार ने 23 जुलाई को पेश होने वाले बजट में विनिवेश का कोई लक्ष्य नहीं रखने का फैसला किया है। हालांकि डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) को उम्मीद है वह इस वित्त वर्ष में 2 कंपनियों की रणनीतिक बिक्री पर आगे बढ़ सकती है। इसमें शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) और एनएमडीसी स्टील लिमिटेड (NSL) शामिल हैं

Moneycontrol Newsअपडेटेड Jul 10, 2024 पर 4:07 PM
SCI और NSL: इन 2 सरकारी कंपनियों का इसी साल हो सकता है निजीकरण, PMO से मंजूरी मिलने का इंतजार
NMDC स्टील के विनिवेश को राजनीतिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है

केंद्र सरकार का विनिवेश पर फोकस पहले की तरह ही बना हुआ है। हालांकि इसकी रफ्तार बहुत धीमी है। एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि सरकारी स्वामित्व वाली कुछ कंपनियों (PSUs) में रणनीतिक बिक्री की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और वे इस मामले में अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। सरकार ने 23 जुलाई को पेश होने वाले बजट में विनिवेश का कोई लक्ष्य नहीं रखने का फैसला किया है। हालांकि फाइनेंस मिनिस्ट्री के डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) को उम्मीद है वह इस वित्त वर्ष में 2 कंपनियों की रणनीतिक बिक्री पर आगे बढ़ सकती है। इसमें शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) और एनएमडीसी स्टील लिमिटेड (NSL) शामिल हैं।

अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर मनीकंट्रोल को बताया, "NMDC स्टील की रणनीतिक बिक्री अंतिम चरण में है। सारा काम हो चुका है, बस वित्तीय बोलियां मंगाने की जरूरत है। यह निजीकरण के लिए एक अच्छा मामला है। सरकार यह कर सकती है, लेकिन पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) से हरी झंडी मिले बिना कुछ नहीं होगा। अनिश्चितता बनी हुई है।"

NMDC स्टील के विनिवेश को राजनीतिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। एंप्लॉयीज यूनियन इस कदम का विरोध कर रहे हैं। कंपनी में 5,887 लोग काम करते हैं और इसकी एसेट्स 36,929 करोड़ रुपये है।

दिलचस्प बात यह है कि गृह मंत्री अमित शाह ने 19 अक्टूबर 2023 को छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि वहां के नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण नहीं किया जाएगा। यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि यह स्टील प्लांट ही NMDC स्टील का आधार है। इसी को ध्यान में रखते हुए इसे NMDC से अलग कर 'NMDC स्टील लिमिटेड (NSL)' नाम से एक नई कंपनी बनाया गया था। यह सालाना 30 लाख टन की क्षमता वाले फैसिलिटीज को ऑपरेट करती है।

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