Reliance Capital की दिवाला प्रक्रिया, एनसीएलटी के आदेश पर IIHL ने जमा किए ₹2750 करोड़

रिलायस कैपिटल (Reliance Capital) के लिए इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (IIHL) ने इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत 9650 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। इस प्रक्रिया के तहत आईआईएचएल को एस्क्रो खाते में कुछ पैसे जमा कराने थे लेकिन इसी पैसे को जमा करने से जुड़ा मामला एनसीएलटी चला गया। इस पर एनसीएलटी के आदेश पर IIHL ने पैसे जमा कर दिए हैं। जानिए यह मामला एनसीएलटी क्यों पहुंचा?

अपडेटेड Aug 12, 2024 पर 8:50 AM
एनसीएलटी ने 8 अगस्त के अपने आदेश में IIHL को 48 घंटे के भीतर एक्स्क्रो खाते में पैसे जमा करने का निर्देश दिया था।

रिलायस कैपिटल (Reliance Capital) के लिए इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (IIHL) ने एक एस्क्रो अकाउंट में 2750 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं। यह एस्क्रो अकाउंट रिलायंस कैपिटल के कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) और विस्तारा (Vistara) ने तैयार किया है। IIHL ने एस्क्क्रो अकाउंट में यह पैसा डेडलाइन से एक दिन पहले ही जमा कर दिया था जिसे नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने तय किया था। ट्रिब्यूनल ने इसकी डेडलाइन 10 अगस्त फिक्स की थी। यह पूरा मामला रिलायंस कैपिचल की दिवाला याचिका से जुड़ी है जिसमें एनसीएलटी ने 8 अगस्त को 48 घंटे के भीतर IIHL को पैसे जमा करने का निर्देश दिया था।

NCLT के और आदेश को पूरा किया IIHL ने

एनसीएलटी ने 8 अगस्त के अपने आदेश में आईआईएचएल को 48 घंटे के भीतर एक्स्क्रो खाते में पैसे जमा करने का निर्देश दिया था। इसके अलावा ट्रिब्यूनल ने एक और आदेश दिया था जिसके तहत आईआईएचएल ने मॉनिटरिंग कमेटी को 7,300 करोड़ रुपये की फंडिंग के लिए एक टर्म शीट भी दाखिल किया है। इस टर्म शीट को दाखिल करने के लिए एनसीएलटी ने 8 अगस्त की शाम 4 बजे तक का समय दिया था।


Reliance Capital के लिए ₹9650 करोड़ की सफल बोली

रिलायंस कैपिटल के लिए सफल बोली लगाने वाली कंपनी आईआईएचएल ने अनुरोध किया है कि कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) और एडमिनिस्ट्रेटर रिजॉल्यूशन प्लान के साथ ही आगे बढ़ें। इससे पहले रिलायंस कैपिटल का कामकाज देखने वाले यानी एडमिनिस्ट्रेटर नागेश्वर राव वाई ने एक हलफनामा दायर कर IIHL पर NCLT के पिछले आदेश का पालन नहीं करने का आरोप लगाया था। हलफनामे में आरोप लगाया गया कि आईआईएचएल ने सीओसी के एस्क्रो खाते की बजाय अपने प्रमोटर्स के खाते में 250 करोड़ रुपये और अपने खातों में 2,500 करोड़ रुपये भेज दिए। इस पर आईआईएचएल ने सफाई दी कि वह एस्क्रो अकाउंट के डिटेल्स का इंतजार कर रही थी। रिलायंस कैपिटल के लिए IIHL ने इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत 9650 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी।

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