IndiGo Penalty: इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation) पर आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2021-22 के लिए ₹944.2 करोड़ का जुर्माना लगाया है। हालांकि, एयरलाइन ने इस आदेश को 'गलत और निराधार' करार दिया है। इंडिगो के शेयर शुक्रवार (28 मार्च) को 0.54% की मामूली गिरावट के साथ 5,100.00 रुपये पर बंद हुए थे।
इंडिगो के मुताबिक, यह पेनल्टी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की असेसमेंट यूनिट ने लगाई है। वहीं, अतिरिक्त ₹2.84 करोड़ का जुर्माना चेन्नई के संयुक्त आयुक्त ने लगाया है। यह विवाद 2018 से 2020 तक के फाइनेंशियल रिकॉर्ड में विसंगतियों के चलते इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) नामंजूर किए जाने से जुड़ा है।
इंडिगो ने जुर्माने पर क्या कहा?
इंडिगो ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "हमने कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (अपील) [CIT(A)] के सामने याचिका दायर की है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को लगता है कि वह याचिका खारिज हो गई है। इसी गलतफहमी के चलते पेनल्टी लगाई गई है, जबकि अपील अभी भी लंबित है।"
एयरलाइन ने जोर देकर कहा कि यह आदेश 'कानून के मुताबिक सही नहीं' है और वह इसे आगे चुनौती देगी। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पेनल्टी का उसके वित्तीय प्रदर्शन, संचालन या अन्य गतिविधियों पर कोई 'बड़ा असर' नहीं पड़ेगा।
पहले भी टैक्स विवादों में घिर चुकी है इंडिगो
यह पहली बार नहीं है जब इंडिगो को टैक्स से जुड़ी पेनल्टी का सामना करना पड़ा है। 5 फरवरी को इंटरग्लोब एविएशन ने खुलासा किया था कि उसे दिल्ली और चेन्नई के टैक्स अधिकारियों से ₹116 करोड़ के जीएसटी डिमांड ऑर्डर मिले थे। दिल्ली के एडिशनल कमिश्नर ने ₹113 करोड़ की पेनल्टी लगाई थी, जो मुख्य रूप से विदेश में सेवाओं के निर्यात को टैक्सेबल घोषित किए जाने से जुड़ी थी।
इसके अलावा, 15 जनवरी को सीमा शुल्क विभाग ने इंडिगो पर जेट फ्यूल ड्यूटी से जुड़े एक मामले में ₹25 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया था। लुधियाना में संयुक्त आयुक्त (कस्टम्स) ने बची हुई एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर अतिरिक्त शुल्क लगाया था। साथ ही, 6 जनवरी को एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स (इम्पोर्ट) के प्रधान आयुक्त (कस्टम्स) ने इंडिगो पर एयरक्राफ्ट पार्ट्स के आयात पर शुल्क छूट अस्वीकृत करते हुए ₹2.17 करोड़ का जुर्माना लगाया था।
हालांकि, बार-बार हो रहे टैक्स विवादों के बावजूद इंडिगो का कहना है कि इन पेनल्टी का उसके फाइनेंशियल, ऑपरेशनल या बिजनेस एक्टीविटीज पर 'कोई बड़ा असर' नहीं पड़ेगा।