सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों को तगड़ा झटका, Q1FY25 में 90% घटा मुनाफा, जानिए वजह

State-owned Fuel retailers see profit slump: देश की सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी IOC का अप्रैल-जून तिमाही में एकल आधार पर शुद्ध लाभ 81 प्रतिशत घटा है। यह चालू वित्त वित्त की पहली तिमाही में 2,643.18 करोड़ रुपये रहा है, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी ने 13,750.44 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था

अपडेटेड Aug 04, 2024 पर 3:00 PM
पब्लिक सेक्टर की पेट्रोलियम कंपनियों को वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में तगड़ा झटका लगा है।

पब्लिक सेक्टर की पेट्रोलियम कंपनियों को वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में तगड़ा झटका लगा है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (HPCL) के अप्रैल-जून तिमाही के मुनाफे में 90 फीसदी तक की गिरावट आई है। इसकी सबसे बड़ी वजह रसोई गैस (LPG) की लागत से कम दाम पर बिक्री है। दिलचस्प बात यह है कि इन तीनों कंपनियों ने वित्त वर्ष 2023-24 में लगभग 81000 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफा कमाया था। यह तेल संकट से पहले के वर्षों में उनकी सालाना 39,356 करोड़ रुपये की कमाई से कहीं अधिक था।

IOC का मुनाफा 81 फीसदी घटा

देश की सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी IOC का अप्रैल-जून तिमाही में एकल आधार पर शुद्ध लाभ 81 प्रतिशत घटा है। यह चालू वित्त वित्त की पहली तिमाही में 2,643.18 करोड़ रुपये रहा है, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी ने 13,750.44 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था। तिमाही आधार पर भी कंपनी के मुनाफे में गिरावट आई है। इससे पिछली जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का मुनाफा 11,570.82 करोड़ रुपये रहा था।


HPCL और BPCL के प्रॉफिट में 90% की गिरावट

तिमाही के दौरान एचपीसीएल का मुनाफा 90 प्रतिशत घटकर 633.94 करोड़ रुपये रह गया, जबकि अप्रैल-जून, 2023 में यह 6,765.50 करोड़ रुपये और पिछली मार्च तिमाही में 2,709.31 करोड़ रुपये था। बीपीसीएल का नेट प्रॉफिट अप्रैल-जून में घटकर 2,841.55 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले समान अवधि में 10,644.30 करोड़ रुपये और जनवरी-मार्च तिमाही में 4,789.57 करोड़ रुपये था।

पिछले साल हुआ था तगड़ा मुनाफा

तीनों तेल कंपनियों ने पिछले साल लागत में गिरावट के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों को बरकरार रखकर बहुत अधिक मुनाफा कमाया था। इन कंपनियों का तर्क था कि इससे पिछले साल लागत बढ़ने के बावजूद उन्होंने दाम नहीं बढ़ाए थे और नुकसान उठाया था। हालांकि, कीमतों को ‘फ्रीज’ करने का लाभ आम चुनाव से पहले पेट्रोल और डीजल के दाम में दो-दो रुपये प्रति लीटर की कटौती से जाता रहा।

IOC ने 2023-24 में 39,618.84 करोड़ रुपये का एकल शुद्ध लाभ कमाया था, जबकि 2022-23 में यह 8,241.82 करोड़ रुपये था। बीपीसीएल ने वित्त वर्ष 2023-24 में 26,673.50 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया, जो 2022-23 में 1,870.10 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2021-22 में 8,788.73 करोड़ रुपये था।

इसी तरह एचपीसीएल ने 2023-24 में 14693.83 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। वित्त वर्ष 2022-23 में उसे 8974.03 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। वहीं 2021-22 में कंपनी ने 6382.63 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।

LPG की लागत से कम दाम पर बिक्री

तीनों पेट्रोलियम कंपनियों को एलपीजी की लागत से कम बिक्री पर सब्सिडी नहीं मिली है। इन कंपनियों द्वारा शेयर बाजारों को भेजी सूचना के अनुसार आईओसी को अप्रैल-जून में LPG की लागत से कम दाम पर बिक्री से 5156.23 करोड़ रुपये, बीपीसीएल को 2,015.10 करोड़ रुपये और एचपीसीएल को 2,443.71 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के एक आदेश के अनुसार जब एलपीजी सिलेंडर की बाजार निर्धारित कीमत (MDP) ग्राहक के लिए इसकी प्रभावी लागत (ECC) से कम होती है, तो पेट्रोलियम विपणन कंपनियों (OMC) को भविष्य के एडजस्टमेंट के लिए इस अंतर को एक अलग बफर खाते में रखना होता है। हालांकि, 30 जून 2024 को तीनों कंपनियों के नेट बफर नेगेटिव था।

 

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