अगले महीने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का आईपीओ आ रहा है। लेकिन, शेयर बाजार पर अभी से इसका शेयर दिखने लगा है। दूसरी बीमा कंपनियों के शेयरों से इन्वेस्टर्स पैसे निकाल रहे हैं। फंड मैनेजर्स और एनालिस्ट्स का कहना है कि वे एलआईसी के आईपीओ में इन्वेस्ट करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट मिंट ने यह जानकारी दी है।
विश्लेषकों का कहना है कि एलआईसी के फ्लोटिंग शेयरों की संख्या को देखते हुए ऐसा लगता है कि करीब एक साल तक दूसरी बीमा कंपनियों के शेयरों पर इसका असर दिखेगा। अभी एलआईसी में सरकार की 100 फीसदी हिस्सेदारी है। सराकर कंपनी में अपनी 5 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है। एलआईसी का आईपीओ बीमा कंपनी का दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा आईपीओ होगा।
एलआईसी के आईपीओ का असर दूसरी बीमा कंपनियों के शेयरों पर साफ दिख रहा है। पिछले एक महीने में बड़ी बीमा कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी है। एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस (HDFC Life Insurance) का शेयर पिछले एक महीने में करीब 12 फीसदी गिरा है। 18 जनवरी को इस शेयर का भाव 669 रुपये था। अब इस शेयर का भाव 590 रुपये हो गया है।
आईसीआईसीआई प्रू लाइफ (ICICI Pru Life) के शेयर का भाव 18 जनवरी को 608 रुपये था। अब यह गिरकर 517 रुपये पर आ गया है। इस तरह एक महीना में यह शेयर 15 फीसदी गिर चुका है। पिछले एक महीना में आईसीआईसीआई लोबार्ड (ICICI Lombard) का शेयर 10 फीसदी गिरकर 1447 रुपये से गिरकर 1296 रुपये पर आ गया है। एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस (SBI Life Insurance) का शेयर एक माह में 11 फीसदी गिरकर 1265 रुपये से गिरकर 1121 रुपये पर आ गया है।
एक फंड मैनेजर ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, "यह बहुत बड़ा आईपीओ है और आपको इसके लिए स्पेस बनाना होगा। आम तौर पर किसी सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी पहले लिस्ट होती है। यह दुर्लभ मामला है, जिसमें बड़ी कंपनी देर से लिस्ट हो रही है।" दरअसल, एलआईसी के आईपीओ का प्लान सरकार ने काफी पहले बनाया था। लेकिन, इश्यू पेश करने में देर हुई।
एलआईसी ग्रॉस रिटेन प्रीमियम के आधार पर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है। इससे बड़ी बीमा कंपनियों में जर्मन इंश्योरर आलियांज एसई, चीन की पिंग और चाइना लाइफ इंश्योरेंस और इली की एसिकुराजियोनी शामिल हैं।
इंडिया में एलआईसी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) सबसे ज्यादा है। पिछले साल 30 सितंबर को इसका एयूएम 39.55 लाख करोड़ रुपये का था। यह इंडिया में सभी प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों के कुल एयूएम के तीन गुना से ज्यादा है। यह देश में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के कुल एयूएम से भी ज्यादा है।