सैलरी नहीं बढ़ी तो इस्तीफे से कैसे निपटेंगी आईटी कंपनियां? एक्सपर्ट्स का ये है रुझान

दिग्गज आईटी कंपनियों ने कमजोर मांग के बीच मार्जिन बनाए रखने के लिए वेतन वृद्धि को चालू वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर 2024 में शिफ्ट कर दिया यानी कि इस तिमाही सैलरी हाइक हो सकती है। इंफोसिस, एचसीएलटेक, एलटीआईमाइंडट्री और एलएंडटी टेक सर्विसेज जैसी कंपनियों ने लागत को मैनेज करने और प्रॉफिटेबिलिटी को बनाए रखने के लिए ही ऐसा फैसला किया

अपडेटेड Oct 03, 2024 पर 5:23 PM
इंडस्ट्री इनसाइट्स प्लेटफॉर्म EIIRTrend के फाउंडर और सीईओ पारिख जैन के मुताबिक अब बुरा समय खत्म हो चुका है और सैलरी हाइक जल्द हो सकती है। पारिख जैन ने कहा कि यदि आईटी कंपनियां अगले तिमाही में वेतन वृद्धि नहीं करती हैं, तो वे टैलेंट खोना शुरू कर देंगी।

दिग्गज आईटी कंपनियों ने कमजोर मांग के बीच मार्जिन बनाए रखने के लिए वेतन वृद्धि को चालू वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर 2024 में शिफ्ट कर दिया यानी कि इस तिमाही सैलरी हाइक हो सकती है। इंफोसिस, एचसीएलटेक, एलटीआईमाइंडट्री और एलएंडटी टेक सर्विसेज जैसी कंपनियों ने लागत को मैनेज करने और प्रॉफिटेबिलिटी को बनाए रखने के लिए ही ऐसा फैसला किया। आमतौर पर सैलरी हाइक वित्त वर्ष की शुरुआत में हो जाती है लेकिन इस बार इसमें देरी से वैश्विक मांग में अनिश्चितता को दिखाता है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने प्री-अर्निंग्स नोट में लिखा है कि अधिकतर कंपनियों ने सैलरी हाइक को तीसरी तिमाही या इससे आगे के लिए टाल दिया जिसका मतलब है कि वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में इसे सैलरी और फरलो का असर दिख सकता है।

अब आगे क्या? सैलरी नहीं बढ़ाई तो क्या होगा?

इंडस्ट्री इनसाइट्स प्लेटफॉर्म EIIRTrend के फाउंडर और सीईओ पारिख जैन के मुताबिक अब बुरा समय खत्म हो चुका है और सैलरी हाइक जल्द हो सकती है। पारिख जैन ने कहा कि यदि आईटी कंपनियां अगले तिमाही में वेतन वृद्धि नहीं करती हैं, तो वे टैलेंट खोना शुरू कर देंगी। आईटी कंपनियों की ग्रोथ ट्रैक पर आएगी तो सैलरी हाइक न होने के चलते एंप्लॉयीज कंपनी छोड़ना शुरू कर देंगे और यही कारण है कि कंपनियां कैंपसों में जा रही हैं। NelsonHall के प्रिंसिपल रिसर्च एनालिस्ट गौरव परब के मुताबिक आईटी कंपनियों का ऐसा मानना है कि जॉब इनसिक्योरिटी के चलते उनके एंप्लॉयीज कंपनी छोड़कर नहीं जाएंगे। अभी आईटी इंडस्ट्री में स्थिति ये है कि नौकरी बनी हुई है, यही बोनस है।


मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म एवरेस्ट ग्रुप के लीडर (टेक्नोलॉजी सर्विसेज रिसर्च) युगल जोशी का तो कहना है कि माहौल ऐसा है कि एंप्लॉयीज कंपनी छोड़ते हैं तो कंपनियां ही खुश होंगी। उन्होंने आगे कहा कि एंप्लॉयीज के पास विकल्प बहुत कम है तो वे जाएंगे कहां यानी कि फिलहाल जॉब मार्केट की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। हालांकि मनीकंट्रोल ने देश की टॉप आईटी कंपनियों के ऐलान का एनालिसिस किया जिसके आधार पर कह सकते हैं कि इस वित्त वर्ष में फ्रेशर के लिए करीब 81 हजार-88 हजार मौके हैं। इनमें से कई कंपनियां तो ऐसी हैं, जहां 5-10 साल या 15-20 साल के अनुभव वाले कर्मियों पर बाहर निकलने की तलवार लटकी है।

मार्जिन में दिख सकता है हल्का सुधार

ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के मुताबिक तिमाही आधार पर आईटी कंपनियों का मार्जिन 0.25 फीसदी सुधर सकता है। सबसे बेहतर परफॉरमेंस एचसीएल का रह सकता है और इस मामले में सबसे पीछे कोफोर्ज रह सकती है। जेफरीज के मुताबिक इंफोसिस, विप्रो, एलटीआईमाइंडट्री, एचसीएलटेक और टेक महिंद्रा का मार्जिन 0.20-1.10 फीसदी बढ़ सकता है तो टीसीएस और कोफोर्ज का मार्जिन 0.30-1.10 फीसदी सिकुड़ सकता है।

ब्रोकरज फर्म नोमुरा का अनुमान है कि इंफोसिस का मार्जिन तिमाही आधार पर 0.10 फीसदी बढ़कर 21.2 फीसदी हो सकता है जबकि देश की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी एचसीएल का मार्जिन 1.20 फीसदी सुधरकर 18.3 फीसदी तक पहुंच सकता है। वहीं कोफोर्ज का मार्जिन सैलरी हाइक के चलते दूसरी तिमाही में 1.10 फीसदी सिकुड़ सकता है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक टाटा एलेक्सी का मार्जिन भी सैलरी हाइक और लोअर यूटिलाइजेशन के चलते तिमाही आधार पर 1.40 फीसदी गिर सकता है।

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