Get App

JSW Cement राजस्थान में लगाएगी नई सीमेंट फैक्ट्री, 3000 करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी

JSW Cement की नई फैसिलिटी मुख्य रूप से राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) सहित उत्तर भारतीय मार्केट में काम करेगी। यह कंपनी के ऐसे मार्केट में एंट्री का प्रतीक है, जिस पर वर्तमान में श्री सीमेंट और अल्ट्राटेक जैसी बड़ी कंपनियों का दबदबा है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 21, 2024 पर 5:42 PM
JSW Cement राजस्थान में लगाएगी नई सीमेंट फैक्ट्री, 3000 करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी
JSW सीमेंट राजस्थान में एक नई सीमेंट फैक्ट्री लगाने जा रही है।

JSW Cement राजस्थान में एक नई सीमेंट फैक्ट्री लगाने जा रही है। कंपनी इसके लिए लगभग 3000 करोड़ रुपये ($360.2 मिलियन) निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी ने आज 21 मई को यह जानकारी दी। यह अहम निवेश कंपनी की विस्तार रणनीति का हिस्सा है और इसका मकसद भारत में तेजी से बढ़ते इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर्स का फायदा उठाना है। कंपनी के बयान के अनुसार इस प्रोजेक्ट को इक्विटी और लॉन्ग टर्म डेट के कॉम्बिनेशन के माध्यम से फंड किए जाने की उम्मीद है। इससे लगभग 1000 डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।

यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब भारतीय सीमेंट कंपनियां इन्फ्रॉस्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर बढ़ते सरकारी खर्च और मजबूत रियल एस्टेट मार्केट के जवाब में अपनी प्रोडक्शन कैपिसिटी को बढ़ा रहे हैं। हाल ही में मार्केट लीडर अल्ट्राटेक सीमेंट ने अगले तीन सालों में कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए 3.9 अरब डॉलर (₹2,587 करोड़) आवंटित करने की योजना का खुलासा किया, जो इंडस्ट्री के भीतर कंपटीशन को बढ़ावा देने का संकेत देता है।

JSW सीमेंट की नई फैसिलिटी मुख्य रूप से राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) सहित उत्तर भारतीय मार्केट में काम करेगी। यह कंपनी के ऐसे मार्केट में एंट्री का प्रतीक है, जिस पर वर्तमान में श्री सीमेंट और अल्ट्राटेक जैसी बड़ी कंपनियों का दबदबा है।

कंपनी की लेटेस्ट एनुअल रिपोर्ट के अनुसार JSW सीमेंट का ऑपरेशन भारत के पूर्वी, दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों में केंद्रित रहा है। राजस्थान में नए प्लांट की स्थापना उत्तरी क्षेत्रों में रणनीतिक विस्तार का प्रतीक है। इस फैसिलिटी में 3.30 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) तक की क्षमता वाली क्लिंकराइजेशन यूनिट और 2.50 एमटीपीए तक उत्पादन करने में सक्षम ग्राइंडिंग यूनिट होगी।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें