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वेंडर कंसॉलिडेशन बढ़ने से बड़ी आईटी कंपनियों के मुकाबले मिड-साइज फर्मों को लॉस, जानिए क्या है वेंडर कंसॉलिडेशन

vendor consolidation: FY24 बड़ी आईटी कंपनियों के मुकाबले मिड-साइज आईटी कंपनियों के लिए खराब रहा। इसकी वजह है वेंडर कंसॉलिडेशन। इसके चलते ज्यादातर डील्स बड़ी आईटी कंपनियां हड़प ले रही हैं। इससे छोटी आईटी कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 15, 2024 पर 11:06 AM
वेंडर कंसॉलिडेशन बढ़ने से बड़ी आईटी कंपनियों के मुकाबले मिड-साइज फर्मों को लॉस, जानिए क्या है वेंडर कंसॉलिडेशन
Vendor consolidation: आईटी कंपनियां समय के साथ चलने की कोशिश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जेनेरेटिव एआई पर खर्च बढ़ा रही हैं। बड़ी कंपनियों को अतिरिक्त खर्च करने में ज्यादा दिक्कत नहीं हो रही हैं। लेकिन, छोटी आईटी कंपनियों पर इसका असर पड़ रहा है।

पिछला फाइनेंशियल ईयर (FY24) बड़ी आईटी कंपनियों के मुकाबले मध्यम आकार की आईटी कंपनियों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। क्लाइंट्स की तरफ से वेंडर कंसॉलिडेशन डील में कमी आई है, जिसका असर रेवेन्यू ग्रोथ पर पड़ा है। हालांकि, इससे पहले बड़ी आईटी कंपनियों के मुकाबले मिड-साइज आईटी कंपनियों का प्रदर्शन अच्छा था। लेकिन, साल दर साल आधार पर मिड-साइज आईटी कंपनियों का ग्रोथ रेट साल दर साल आधार पर घटकर आधा रह गया है। पिछले कुछ सालों में क्लाइंट्स ने टेक्नोलॉजी पर अपने खर्च घटाए हैं। इसकी वजह प्रमुख बाजारों में आर्थिक अनिश्चितता की स्थिति है। इसका असर आईटी कंपनियों के रेवेन्यू पर पड़ा है। फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में उनका प्रदर्शन कमजोर रहा है।

क्या है वेंडर कंसॉलिडेशन?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि वेंडर कंसॉलिडेशन डील बड़ी आईटी कंपनियां हड़प ले रही हैं। इसका असर मिड-साइज कंपनियों पर पड़ रहा है। मिड साइज कंपनियां क्लाइंट्स को अट्रैक्ट करने के लिए डिस्काउंट ऑफर कर रही हैं। इसका असर उनके मार्जिन पर पड़ा है। वेंडर कंसॉलिडेशन डील का मतलब ऐसी स्थिति से है जब क्लाइंट्स एफिशियंसी बढ़ाने के लिए सप्लायर्स की संख्या घटा देते हैं। इसके चलते अक्सर डील्स बड़ी कंपनियों को मिल जाती हैं, क्योंकि उनके पास डील की प्राइसिंग को लेकर मोलभाव करने की ज्यादा क्षमता होती है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बढ़ा है खर्च

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