पिछला फाइनेंशियल ईयर (FY24) बड़ी आईटी कंपनियों के मुकाबले मध्यम आकार की आईटी कंपनियों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। क्लाइंट्स की तरफ से वेंडर कंसॉलिडेशन डील में कमी आई है, जिसका असर रेवेन्यू ग्रोथ पर पड़ा है। हालांकि, इससे पहले बड़ी आईटी कंपनियों के मुकाबले मिड-साइज आईटी कंपनियों का प्रदर्शन अच्छा था। लेकिन, साल दर साल आधार पर मिड-साइज आईटी कंपनियों का ग्रोथ रेट साल दर साल आधार पर घटकर आधा रह गया है। पिछले कुछ सालों में क्लाइंट्स ने टेक्नोलॉजी पर अपने खर्च घटाए हैं। इसकी वजह प्रमुख बाजारों में आर्थिक अनिश्चितता की स्थिति है। इसका असर आईटी कंपनियों के रेवेन्यू पर पड़ा है। फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में उनका प्रदर्शन कमजोर रहा है।
