Mastercard Layoffs: डेबिट और क्रेडिट कार्ड के ट्रांजैक्शन से जुड़ी सुविधा देने वाली कंपनी मास्टरकार्ड में छंटनी होने जा रही है। कंपनी ग्लोबल स्तर पर अपने करीब 3 फीसदी कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की तैयारी है। यह छंटनी कंपनी की नई रिस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका मकसद कंपनी के कारोबार को सुव्यवस्थित करना और गैर-जरूरी पदों को खत्म करना है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि इस रिसस्ट्रक्चरिंग से उसे बाजार के मौजूदा हालात में बेहतर तरीक से कारोबार करने में मदद मिलेगी।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस छंटनी को 30 सितंबर तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इस छंटनी से कंपनी के दुनिया भर के कई देशों में कर्मचारी प्रभावित होंगे, जिसमें भारत भी शामिल है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 3 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी से कंपनी के करीब 1,000 कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है। Mastercard ने 2022 के अंत तक कुल 33,400 कर्मचारियों को नियुक्त किया था, जिनमें से लगभग 67% कर्मचारी अमेरिका के बाहर काम कर रहे थे।
हालांकि Mastercard ने हाल ही में वॉल स्ट्रीट की उम्मीदों से बेहतर कमाई रिपोर्ट की थी, लेकिन इसके ऑपरेटिंग एक्सपेंस में 12% की बढ़ोतरी देखी गई। कंपनी का कहना है कि वह तीसरी तिमाही में एक बार की रीस्ट्रक्चरिंग चार्ज के रूप में 19 करोड़ डॉलर खर्च करने की योजना बना रही है।
कंपनी ने कहा, इस कटौती का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों में रिसोर्सेज को रीडायरेक्ट करना है जहां कंपनी को ग्रोथ की उम्मीद है। Mastercard इस साल छंटनी करने वाली पहली कंपनी नहीं है। इस साल कई बड़ी कंपनियों जैसे Amazon, Google, Microsoft, और UKG ने भी हजारों कर्मचारियों की नौकरियां खत्म की हैं। यह एक ग्लोबल ट्रेंड बन चुका है, और इसका असर हर इंडस्ट्री में देखा जा रहा है।