मूडीज रेटिंग्स ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की रेटिंग Baa2 से बढ़ाकर Baa1 कर दी है। यह भारत की सॉवरेन रेटिंग से दो पायदान ऊपर है। एजेंसी ने इसके लिए कंपनी की मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल, अलग-अलग तरह के ऑपरेशंस और मजबूत वित्तीय अनुशासन का हवाला दिया है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज को तेल से लेकर केमिकल्स तक, डिजिटल सेवाओं और रिटेल जैसे क्षेत्रों में अपनी दिग्गज स्थिति से फायदा मिलता है। इसमें आर्थिक मंदी में भी स्थिर मांग वाले बिजनेस सेगमेंट्स और अच्छे खासे अंतरराष्ट्रीय विस्तार का भी योगदान है।
मूडीज ने एक बयान में कहा, "RIL की रेटिंग Baa2 से बढ़ाकर Baa1 कर दी गई है। यह इसकी बुनियादी तौर पर मजबूत और लचीली क्रेडिट प्रोफाइल को दर्शाता है। इसे इसके बड़े पैमाने, अलग-अलग तरह के ऑपरेशंस और ऑयल-टू-केमिकल्स, डिजिटल और रिटेल क्षेत्रों में अग्रणी बाजार स्थितियों का सपोर्ट हासिल है।" एजेंसी ने आगे कहा कि रिलायंस का स्केल, कमाई के अलग-अलग स्रोत और सरकार से जुड़े रेवेन्यू पर सीमित निर्भरता, आर्थिक चक्रों के दौरान स्थिर कमाई करने की इसकी क्षमता को मजबूती देते हैं।
RIL के पास 25 अरब डॉलर का कैश
मूडीज ने कंपनी की लिक्विडिटी की मजबूत स्थिति पर भी जोर दिया। कंपनी के पास लगभग 25 अरब डॉलर की नकदी है और कर्ज का स्तर भी कम है। इसके साथ ही, कंपनी लगातार कैश-फ्लो जेनरेट कर रही है और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों तक इसकी पहुंच भी मजबूत है। यह अपग्रेड मूडीज की संशोधित सॉवरेन-लिंक्ड रेटिंग पद्धति के तहत किया गया है। इस पद्धति के अनुसार, यदि कोई कंपनी अच्छा लचीलापन दिखाती है और घरेलू आर्थिक तनाव का उस पर सीमित प्रभाव है, तो उसे सॉवरेन रेटिंग से दो पायदान ऊपर तक की रेटिंग दी जा सकती है।
एजेंसी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए 'स्थिर' (Stable) आउटलुक जारी किया है। यह आउटलुक भारत की सॉवरेन रेटिंग के आउटलुक के अनुरूप है। यह इस उम्मीद को दर्शाता है कि ज्यादातर बिजनेस सेगमेंट्स में कमाई में हो रही बढ़ोतरी के चलते अगले एक से दो वर्षों तक कंपनी के क्रेडिट मेट्रिक्स मजबूत बने रहेंगे।
Disclaimer:मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।