पब्लिक सेक्टर की बिजली उत्पादक कंपनी NTPC लिमिटेड ने आज 1 मई को न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) के साथ समझौते का ऐलान किया है। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों कंपनियों ने देश में न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स के विकास के लिए यह सप्लीमेंट्री ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेंट किया है। बता दें कि 13 फरवरी को मनीकंट्रोल ने भारत की न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स के विस्तार की NTPC की योजना के बारे में सबसे पहले जानकारी दी थी।
भारत के सबसे बड़े बिजली उत्पादक एनटीपीसी का लक्ष्य 2032 तक 2,000 मेगावाट, 2035 तक 4,200 मेगावाट और 2050 तक 20,000 मेगावाट तक न्यूक्लियर एनर्जी का उत्पादन शुरू करना है।
एनटीपीसी ने बताया, क्या है प्लान
एनटीपीसी ने एक बयान में कहा कि इस एग्रीमेंट के तहत शुरुआत में दोनों कंपनियां मिलकर दो प्रेशराइज्ड हेवी-वाटर रिएक्टर (PHWR) प्रोजेक्ट्स डेवलप करेंगी। इसमें चुटका मध्य प्रदेश एटॉमिक पावर प्रोजेक्ट (2x700 मेगावाट) और माही बांसवाड़ा राजस्थान एटॉमिक पावर प्रोजेक्ट (4x700 मेगावाट) शामिल हैं। इन्हें जिन्हें फ्लीट मोड न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स के एक पार्ट के रूप में पहचाना गया था।
कैपिसिटी बढ़ाने के लिए ये है योजना
प्रेशराइज्ड हेवी-वाटर रिएक्टर (PHWR) के जरिए से कैपिसिटी बढ़ाने के अलावा एनटीपीसी छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के माध्यम से न्यूक्लियर कैपिसिटी बढ़ाने की भी योजना बना रहा है। यह अपेक्षित फीडस्टॉक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ ईंधन टाई-अप करने का भी इरादा रखता है। कंपनी का इरादा फीडस्टॉक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ फ्यूल टाई-अप करने का भी है।