आईफोन (iPhone) बनाने वाली एपल (Apple) ने शुक्रवार को चैटजीपीटी (ChatGPT) की पैरेंट कंपनी ओपनएआई (OpenAI) और अपने दो पूर्व एंप्लॉयीज के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। एपल का आरोप है कि ओपनएआई ने उसके ट्रेड सीक्रेट्स का गलत तरीके से इस्तेमाल किया, ताकि यह एआई फोन या अन्य डिवाइस जैसे कंज्यूमर हार्डवेयर के अपने कारोबार को तेजी से आगे बढ़ा सके। एपल का आरोप है कि ओपनएआई ने उसके पूर्व एंप्लॉयीज की भर्ती, सप्लायर नेटवर्क और अन्य जरियों का इस्तेमाल करके उसकी गोपनीय तकनीकी जानकारी हासिल करने और उसका फायदा उठाने की बड़ी योजना बनाई। हालांकि ओपनएआई ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उसे दूसरी कंपनियों के ट्रेड सीक्रेट्स में कोई दिलचस्पी नहीं है बल्कि नई तकनीक बनाने पर ध्यान है।
Apple vs OpenAI: मुकदमे का क्या असर?
एआई तकनीक की दौड़ तेज होने के साथ ही एपल और ओपनएआई के बीच कॉम्पटीशन बढ़ गई है। दोनों कंपनियां टैलेंट एंप्लॉयीज और नई तकनीकों के लिए मुकाबला कर रही हैं। न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक पीपी फोरसाइट के एनालिस्ट पाओलो पेस्काटोर (Paolo Pescatore) का मानना है कि एपल अब ओपनएआई को सिर्फ एक साझेदार नहीं, बल्कि आने वाले समय के प्रतिद्वंद्वी के रूप में देख रही है। वहीं ओपनएआई आईफोन पर अपनी निर्भरता कम करके सीधे ग्राहकों तक पहुंचना चाहता है।
अब एपल के मुकदमे को लेकर उनका कहना है कि अगर आरोप सही नहीं भी साबित होते हैं तो इस मुकदमे से ओपनएआई की हार्डवेयर योजनाओं में देरी हो सकती है और दोनों कंपनियों की साझेदारी और कमजोर हो सकती है। दोनों कंपनियों के बीच साझेदारी की बात करें तो साल 2024 में एपल ने एपल इंटेलिजेंस लॉन्च किया था और सीरी समेत अपने सभी ऐप से इसे लैस किया। साथ ही अपने डिवाइसेज में ओपनएआई के चैटबॉट चैटजीपीटी को भी जगह दी।
Apple vs OpenAI: क्या और किन पर हैं आरोप
एपल के मुताबिक उसके 400 से अधिक एंप्लॉयीज अब ओपनएआई में काम कर रहे हैं और इनमें से कुछ की इस्तेमाल एपल की गोपनीय जानकारियां हासिल करने के लिए हो रहा है। एपल का कहना है कि उसके पूर्व एंप्लॉयीज के पास एपल की गोपनीय जानकारी होना स्वाभाविक है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि ओपनएआई उन जानकारियों का इस्तेमाल अपने हार्डवेयर प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए कर सकता है।
एपल ने अपने एक पूर्व सीनियर सिस्टम इलेक्ट्रिकल इंजीनियर चांग लियू (Chang Liu) और आईफोन और एपल वॉच के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट (प्रोडक्ट डिजाइन) टैंग यू टैन (Tang Yew Tan) पर आरोप लगाया है। एपल का आरोप है कि चांग ने कंपनी का लैपटॉप वापस नहीं किया और बाद में एक ऑथेंटिकेशन बग का फायदा उठाकर एपल के इंटर्नल नेटवर्क में सेंध लगाकर हार्डवेयर से जुड़ी दर्जनों गोपनीय फाइलें डाउनलोड की।
वहीं एपल ने टैंग पर कंपनी छोड़ने से पहले सप्लायर्स से जुड़ी जानकारी, इटर्नल इंडस्ट्री रिपोर्ट और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपने प्राइवेट ईमेल पर भेजने का आरोप लगाया है। टैंग के लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने 24 साल तक एपल में काम किया और अधिकतर समय वह आईफोन प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे।
एपल का यह भी आरोप है कि टैंग ने कुछ एंप्लॉयीज से ओपनएआई के इंटरव्यू में एपल के हार्डवेयर पार्ट्स लाने के लिए कहा था ताकि उन्हें "Show and Tell" सेशन में दिखाया जा सके। मुकदमे में ऐसे ही एक कैंडिडेट का कथित बयान भी शामिल है, जिसमें उसका कहना है कि उसे तो यह भी नहीं पता था कि वे ये चीजें ऑफिस से बाहर ले जा सकते हैं।
एपल ने मुकदमे में ओपनएआई फाउंडेशन, ओपनएआई की कमर्शियल इकाई ओपनएआई ग्रुप पीबीसी और आईओ प्रोडक्ट्स पर आरोप लगाया है। बता दें कि आईओ प्रोडक्ट्स को एपल के पूर्व डिजाइनर जॉनी आइव ने शुरू किया था और इसे ओपनएआई ने $650 करोड़ में खरीदा है ताकि वह सॉफ्टवेयर के साथ-साथ एआई हार्डवेयर की फील्ड में भी एंट्री कर सके। हालांकि एपल ने मुकदमें में जॉनी आइव को आरोपी नहीं बनाया है।