हेल्थकेयर स्टार्टअप ओ-हेल्थ ने एज-एनेबल्ड एआई मॉडल्स और क्लिनिकल हार्डवेयर के डेवलपमेंट की रफ्तार बढ़ाने के लिए निवेश जुटाया है। इस फंडिंग से कंपनी को अपनी मौजूदा ऑर्डरबुक को पूरा करने और प्राइवेट और पब्लिक हेल्थकेयर का विस्तार करने के लिए भी निवेश मिलेगा।
ओ-हेल्थ में निवेश करने वालों में कई बड़े इनवेस्टर्स शामिल हैं। इनमें अपोलो हॉस्पिटल्स की संगीता रेड्डी और BugleRock Capital Sinagpore शामिल हैं। प्रणव प्रशांत और अन्विता प्रशांत की अगुवाई वाली Perpetual Capital और ACKO के वरुण दुआ सहित कई दूसरे इनवेस्टर्स ने भी ओ-हेल्थ में निवेश किया है। स्टार्टअप ने कुल कितना निवेश जुटाया है, इसकी जानकारी नहीं मिली है।
ओ-हेल्थ का फोकस एज-एनेबल्ड एआई मॉडल्स और क्लिनिकल हार्डवेयर विकसित करने पर होगा ताकि इनका इस्तेमाल किया जा सके। ये मॉडल्स लोकल डिवाइसेज या ऑन-साइट सिस्टम पर काम करेंगे, जिससे हेल्थकेयर डिलीवरी में कंप्यूटेशन का इस्तेमाल हो सकेगा। रिसर्च एंड डेवलपमेंट से पेशेंट एसेसमेंट और कंसल्टेशन रेडीनेस के लिए देश में ही टेक्नोलॉजी तैयार करने की ओ-हेल्थ की क्षमता बढ़ेगी।
ग्रोथ के लिए पूंजी मिलने से ओ-हेल्थ को मौजूदा ऑर्डर्स पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अपोलो हॉस्पिटल्स सहित कई प्रमुख हॉस्पिटल्स नेटवर्क में करेगी। इस पूंजी से स्टार्टअप को उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों में सरकारी हॉस्पिटल्स में भी अपनी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने में सहायता मिलेगी।
ओ-हेल्थ की टेक्नोलॉजी को बड़ा निवेश मिलने से उसके विजन पर इनवेस्टर्स के भरोसे का पता चलता है। कंपनी का विजन भारत में हेल्थकेयर डिलीवरी में अपना योगदान देना है। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी सिस्टम पर पॉजिटिव असर पड़ेगा। ओ-हेल्थ का हेडक्वार्टर बेंगलुरु है।