इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) ने अधिक इनवेंट्री जमा होने के चलते तमिलनाडु के कृष्णागिरी में स्थित अपने प्लांट में इलेक्ट्रिक स्कूटरों का उत्पादन लगभग एक सप्ताह के लिए रोक दिया है। ईटी प्राइम ने सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्लांट में करीब 4,000 स्कूटर्स जमा हो गए हैं।
हालांकि कंपनी ने एक बयान में कहा कि उसका मैन्युफैक्चरिंग प्लांट सालाना रखरखाव और नई मशीनों के इंस्टालेशन के चलते बंद था। ओला इलेक्ट्रिक अपने कृष्णागिरी प्लांट को 'फ्यूचर फैक्ट्री' कहती है और कंपनी ने एक साल पहले ही ई-स्कूटर्स का उत्पादन शुरू किया था।
ओला के एक प्रवक्ता ने बताया, "सभी ऑटो कंपनियों के प्लांट में साल में एक बार मेंटीनेंस/रखरखाव की प्रक्रिया से गुजरते हैं। हम भी ऐसा ही करते हैं। किसी भी तरह से इसका मतलब प्लांट का उत्पादन रोकने के तौर पर नहीं लिया जा सकता है। इसलिए हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह जानकारी गलत है।"
ओला इलेक्ट्रिक ने पिछले साल ऐलान किया था कि वह तमिलनाडु में 500 एकड़ में एक फैक्ट्री लगा रही हैं, जो पूरी तरह से चालू होने पर हर साल 1 करोड़ व्हीकल्स का उत्पादन करेगी। यह इससे दुनिया की सबसे बड़ी उत्पादन क्षमता वाला टू-व्हीलर फैक्ट्री बनाता है।
कंपनी ने अपने इस फ्यूचर फैक्ट्री में पिछले साल अक्टूबर में ट्रायल के तौर पर उत्पादन शुरू किया था और दिसंबर में नियमित उत्पादन शुरू हुआ था। कंपनी ने पिछले साल दिसंबर से ही इस फैक्ट्री से स्कूटर्स की डिलीवरी शुरू कर दी है।
हालांकि तब से कंपनी कई तरह की समस्याओं से जूझ रही है। इसमें स्कूटर्स की देर से डिलीवरी से लेकर, स्कूटर्स में खामियों, क्वालिटी पर कई तरह के सवाल और उनकी ऑफ्टर-सेल-सर्विस से जुड़ी समस्याएं आदि शामिल हैं। ओला इलेक्ट्रिन ने अप्रैल 2022 में 'एक-पूर्व उपाय' के तौर पर अपने 1,400 इलेक्ट्रि स्कूटर्स को वापस बुलाया था। कंपनी ने यह कदम मार्च 2022 में उसके एक इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की घटना सामने आने के बाद उठाया था।