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Online Gaming: चुनाव के बाद GST काउंसिल से गेमिंग इंडस्ट्री को राहत मिलने की उम्मीद नहीं, सरकारी अधिकारी ने दी जानकारी

Online Gaming: 1 अक्टूबर 2023 से जीएसटी काउंसिल द्वारा ऑनलाइन गेमिंग बेट्स पर जीएसटी 18 फीसदी से बढ़ाकर 28 फीसदी कर दिया गया था। इसमें 6 महीने के बाद लेवी की समीक्षा करने का वादा किया गया। काउंसिल के फैसले के बाद ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों से भारी टैक्स की मांग की गई है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 23, 2024 पर 2:36 PM
Online Gaming: चुनाव के बाद GST काउंसिल से गेमिंग इंडस्ट्री को राहत मिलने की उम्मीद नहीं, सरकारी अधिकारी ने दी जानकारी
चुनाव के बाद जीएसटी काउंसिल से गेमिंग इंडस्ट्री को कोई राहत मिलने की संभावना नहीं है।

Online Gaming: चुनाव के बाद जीएसटी काउंसिल से गेमिंग इंडस्ट्री को कोई राहत मिलने की संभावना नहीं है। यह जानकारी एक सरकारी अधिकारी ने दी है। बता दें कि गेम्सक्राफ्ट, डेल्टा कॉर्प और अन्य ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से 71 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। ये नोटिस वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 के दौरान 1.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी से जुड़े हैं। नई सरकार के गठन के बाद जून में होने वाली अगली जीएसटी काउंसिल की बैठक में भी सेक्टर को कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। यह कहना है एक सीनियर सरकारी अधिकारी का।

28 फीसदी GST में बदलाव की संभावना नहीं

अधिकारी ने मनीकंट्रोल को बताया कि रिव्यू में ऑनलाइन गेमिंग बेट्स के फेस वैल्यू पर 28 फीसदी जीएसटी में किसी भी बदलाव की संभावना नहीं है। बता दें कि 1 अक्टूबर 2023 को ऑनलाइन गेमिंग पर 28 परसेंट जीएसटी लागू हुआ था। अधिकारी ने मनीकंट्रोल को बताया, "नई सरकार आने के बाद जून के अंत में जीएसटी काउंसिंल की बैठक होगी। यह 1 अक्टूबर (2023) से ऑनलाइन गेमिंग रेवेन्यू की समीक्षा करेगी।"

उन्होंने आगे कहा, “काउंसिल ने फेस वैल्यू पर 28 फीसदी का निर्णय लिया था, और यह जारी रहने की संभावना है क्योंकि ऑनलाइन गेमिंग से सरकार का जीएसटी रेवेन्यू पिछले छह महीनों में 5-6 गुना बढ़ गया है। टैक्स डेटा संकलित किया जाएगा और काउंसिंग के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।"

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