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$18 बिलियन वैल्यूएशन वाली Perplexity AI ने गूगल क्रोम को $34.5 बिलियन में खरीदने का दिया प्रस्ताव

Perplexity AI ने गूगल के क्रोम ब्राउजर को 34.5 अरब डॉलर में खरीदने का प्रस्ताव दिया है। जानिए गूगल का क्रोम ब्राउजर क्यों बिक सकता है और इसे लेकर Perplexity के प्लान हैं।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Aug 13, 2025 पर 8:42 AM
$18 बिलियन वैल्यूएशन वाली Perplexity AI ने गूगल क्रोम को $34.5 बिलियन में खरीदने का दिया प्रस्ताव
Perplexity ने गूगल क्रोम से पहले टिकटॉक को भी खरीदने का प्रयास किया था।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप Perplexity ने गूगल के क्रोम ब्राउजर को 34.5 अरब डॉलर में खरीदने का औपचारिक प्रस्ताव दिया है। Perplexity ने बताया कि खरीदारी का यह बिना मांगा (unsolicited) प्रस्ताव Alphabet Inc. की सहायक कंपनी गूगल को भेजा गया। हाल ही में Perplexity के प्रतिद्वंदी एआई स्टार्टअप OpenAI ने भी क्रोम को खरीदने में दिलचस्प जताई थी। बता दें कि Perplexity की वैल्यूएशन फिलहाल करीब $18 बिलियन है। यानी कंपनी ने क्रोम को खरीदने के लिए अपने वैल्यूएशन से करीब दुगुना बोली लगाई है। AI सर्च कंपनी के प्रवक्ता जेसी ड्वायर के ने इसे ब्राउजर बाजार में विस्तार करने की अपनी लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा बताया है।

क्या गूगल क्रोम बिक रहा है?

इसका जवाब थोड़ा जटिल है। अमेरिका में गूगल क्रोम के खिलाफ एंटीट्रस्ट यानी दबदबे के दुरुपयोग का मामला चल रहा है। इसमें गूगल पर कुछ प्रतिबंध लगने की आशंका है। अगर आखिरी फैसला गूगल के खिलाफ आता है, तो उससे क्रोम को बेचने के लिए भी कहा जा सकता है।

पिछले साल एक संघीय न्यायाधीश ने गूगल को इंटरनेट सर्च में गैरकानूनी एकाधिकार रखने का दोषी पाया था। अमेरिकी सरकार ने इसके बाद गूगल को क्रोम ब्राउजर बेचने और प्रतिद्वंद्वियों को सर्च डेटा उपलब्ध कराने जैसे उपाय सुझाए। इस मामले में अमेरिकी जिला न्यायाधीश अमित मेहता जल्द ही अंतिम फैसला सुना सकते हैं।

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