RBI ने 4 NBFCs कंपनियों पर लगा दिया बैन, लोन पर वसूल रही थीं ज्यादा ब्याज, फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर की कंपनी भी है शामिल

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को 4 नॉन-बैकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFCs) के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उन्हें नए लोन मंजूर करने या बांटने से रोक दिया। इसमें फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर सचिन बंसल की कंपनी नवी फिनसर्व भी शामिल है। इसके अलावा इसमें आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड, आरोहण फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड और डीएमआई फाइनेंस भी शामिल हैं

अपडेटेड Oct 17, 2024 पर 11:22 PM
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RBI ने कहा कि ये प्रतिबंध इन कंपनियों से जुड़ी नियामकीय चिंताओं के चलते लगाया गया है

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को 4 नॉन-बैकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFCs) के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उन्हें नए लोन मंजूर करने या बांटने से रोक दिया। इसमें फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर सचिन बंसल की कंपनी नवी फिनसर्व भी शामिल है। इसके अलावा इसमें आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड, आरोहण फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड और डीएमआई फाइनेंस भी शामिल हैं। यह प्रतिबंध इन कंपनियों से जुड़ी कुछ नियामकीय चिंताओं के चलते लगाया गया है। RBI ने कहा कि यह आदेश 21 अक्टूबर से लागू होगा।

RBI ने आदेश में कहा कि इन कंपनियों की प्राइसिंग पॉलिसी में चिंताजनक बातें देखी गई हैं, खासकर इनके वेटेड एवरेज लेंडिंग रेट (WALR) और इनके इंटरेस्ट स्प्रेड के संदर्भ में, जो कि उनके फंड की लागत से अधिक हैं और नियमों के मुताबिक नहीं पाए गए हैं। ये कंपनियां मानकों का पालन नहीं कर रही थीं और उनकी ब्याज दरें नियम से अधिक पाई गईं।

सिर्फ ऊंची ब्याज दर ही नहीं, RBI ने यह भी कहा कि ये कंपनियां घरेलू आय के आकलन और उनके माइक्रोफाइनेंस लोन के संदर्भ में मौजूदा या प्रस्तावित मंथली रीपेमेंट ऑब्लिगेशन पर नियामकीय दिशानिर्देशों का पालन करने में भी विफल रही हैं।


इसके अलावा, इनकम रिकॉग्निशन और एसेट क्लासिफिकेशन (IR&AC) के नियमों में भी कई अनियमितताएं देखी गईं, जिससे लोन का 'एवरग्रीनिंग' हो रहा था। इन कंपनियों के गोल्ड लोन पोर्टफोलियो, ब्याज दरों और फीस, और कोर वित्तीय सेवाओं के आउटसोर्सिंग के मामले में भी नियामक उल्लंघन पाए गए।

RBI ने कहा कि ये कारोबारी प्रतिबंध 21 अक्टूबर को कारोबारी घंटे समाप्त होने के बाद से प्रभावी होंगे। हालांकि, ये कंपनियां अपने मौजूदा ग्राहकों की सेवा जारी रख सकती हैं और वसूली प्रक्रियाओं को नियामकीय दिशानिर्देशों के अनुसार पूरा कर सकती हैं। RBI ने कहा कि वह इन प्रतिबंधों की समीक्षा तब करेगा जब इन कंपनियों से यह पुष्टि मिल जाएगी कि उन्होंने नियामकीय दिशानिर्देशों के अनुसार उचित कदम उठाए है।

इस मामले में नवी फिनसर्व के एक प्रवक्ता ने कहा, "नवी फिनसर्व फिलहाल RBI के सर्कुलर की समीक्षा कर रहा है और ग्राहकों की भलाई को प्राथमिकता देते हुए, नियामक की ओर से उठाई गई चिंताओं को जल्द और प्रभावी ढंग से संबोधित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी अपने संचालन में उच्चतम अनुपालन, पारदर्शिता और ग्राहक सेवा मानकों को बनाए रखने के लिए समर्पित है।"

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