शापूरजी पालोनजी (SP) ग्रुप को अपने बॉन्ड (NCDs) धारकों से कुछ शर्तों में छूट की मंजूरी मिल गई है। इससे ग्रुप को टाटा संस (Tata Sons) के शेयर गिरवी रखकर लिए गए लोन को रिफाइनेंस कराने में मदद मिल सकती है। शापूरजी पालोनजी ग्रुप ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में बकाया कि उसे अपने नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर (NCDs) की शर्तों में किए जाने वाले बदलावों के लिए भी स्टॉक एक्सचेंजों से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है।
मनीकंट्रोल ने सबसे पहले 6 दिसंबर को एक रिपोर्ट में बताया कि शापूरजी पालोनजी ग्रुप अपने NCDs धारकों से कुछ शर्तों को हटाने की मंजूरी मांग रहा है। ग्रुप ने अपने बॉन्डधारकों से कहा कि वह अपनी इकाई स्टर्लिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्प प्राइवेट लिमिटेड की ओर से टाटा संस के शेयर गिरवी रखकर लिए गए लोन को रिफाइनेंस करने की कोशिश में है। इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए उसे NCDs धारकों से कुछ शर्तों में ढील की जरूरत है।
इस छूट से पहले शापूरजी पालोनजी ग्रुप की इकाई गोस्वामी इंफ्राटेक ने इन NCDs धारकों को करीब 14,300 करोड़ रुपये के कर्ज का पुनर्भुगतान किया था। कंपनी को यह राशि एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) और गोपालपुर पोर्ट में अपनी हिस्सेदारी अदाणी ग्रुप को बेचने से मिली थी। इसी के बाद बॉन्डधारकों ने ग्रुप को शर्तों में कुछ छूट की मंजूरी दी है।
शापूरजी पालोनजी ग्रुप की कंपनी, गोस्वामी इंफ्राटेक ने जून 2023 में जीरो-कूपन वाले नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर (NCDs) जारी करके 14,300 करोड़ रुपये जुटाए थे। इन NCDs को सेर्बेरस कैपिटल, वर्डे पार्टनर्स, कैन्यन कैपिटल, डेविडसन केम्पनर के अलावा ड्यूश बैंक, एडलवाइस स्पेशल ऑपर्च्युनिटीज फंड और एरेस SSG जैसे दिग्गद निवेशकों ने खरीदा था। बाद में इन NCDs का अधिकतर हिस्सा घरेलू निवेशकों को बेच दिया गया था।
गोस्वामी इंफ्राटेक ने इन NCDs को एक खास शर्त के साथ जारी किया था। इस शर्त के तहत अगर 26 मई शापूरजी पालोनजी की किसी भी ग्रुप कंपनी ने गोस्वामी इंफ्राटेक के बॉन्डधारकों को दी जाने वाली ब्याज दर से ब्याज दर पर बाजार से कर्जा उठाया तो, गोस्वामी के बॉन्डधारक भी उसी उच्च ब्याज दर को पाने के हकदार होंगे।
मनीकंट्रोल ने पिछले साल 6 मई को बताया कि एसपी ग्रुप ने टाटा संस के शेयरों के विरुद्ध लिए गए 20,000 करोड़ रुपये के लोन के हिस्से को रिफाइनेंस कराने के लिए 1.2 बिलियन डॉलर सुरक्षित करने के लिए पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) के साथ बातचीत शुरू कर दी है।
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