SpiceJet Layoffs: दिग्गज घरेलू विमानन कंपनी स्पाइसजेट में पिछले वित्त वर्ष 2024 में बड़े पैमाने पर छंटनी हुई और करीब 1900 एंप्लॉयीज की छुट्टी कर दी गई। छंटनी का असर स्थायी और अस्थायी, दोनों कैटेगरी के एंप्लॉयीज पर पड़ा। स्पाइसजेट ने परमानेंट 716 मेल एंप्लॉयीज और 618 फीमेल एंप्लॉयीज को बाहर किया जबकि 531 मेल और 30 फीमेल नॉन-परमानेंट एंप्लॉयीज की छंटनी की। हालांकि छंटनी के बावजूद मिनिमम सैलरी से अधिक वेतन पाने वाले एंप्लॉयीज की संख्या बढ़ी है और कंपनी के सीएमडी अजय सिंह की सैलरी मीडियन सैलरी से 211 गुना अधिक रही।
मेल एंप्लॉयीज की सैलरी बनी हुई है अधिक
परमानेंट एंप्लॉयीज की बात करें तो मिनिमम सैलरी से अधिक वेतन पाने वाले मेल एंप्लॉयीज की संख्या 61 फीसदी से बढ़कर 71 फीसदी और फीमेल एंप्लॉयीज की संख्या 37 फीसदी से उछलकर 56 फीसदी पर पहुंच गई है। वहीं नॉन-परमानेंट यानी अस्थायी एंप्लॉयीज की बात करें तो इनमें मिनिमम सैलरी से अधिक वेतन पाने वाले मेल एंप्लॉयीज की संख्या 1 फीसदी से बढ़कर 8 फीसदी और फीमेल एंप्लॉयीज की संख्या 2 फीसदी से बढ़कर 16 फीसदी पर पहुंच गई। हालांकि महिलाओं और पुरुषों के बीच का फासला बना हुआ है और मेल एंप्लॉयीज की कमाई अधिक बनी हुई है।
स्पाइसजेट के स्टॉफ की सैलरी और बेनेफिट्स/एक्सपेंसेज में 9 फीसदी की गिरावट आई और वित्त वर्ष 2023 में 843.87 करोड़ रुपये से गिरकर वित्त वर्ष 2024 में यह 770.54 करोड़ रुपये पर आ गया। हालांकि इस गिरावट की एक बड़ी वजह यह एंप्लॉयीज की संख्या में गिरावट है। कंपनी के चेयरमैन और एमडी अजय सिंह की बात करें तो उन्हें वित्त वर्ष 2024 में एंप्लॉयीज की मीडियन सैलरी के मुकाबले 211 गुना अधिक 5.4 करोड़ रुपये मिले अभी उनके हिस्से के 1.8 करोड़ रुपये अलग रखे हुए हैं।
कैसी है SpiceJet की कारोबारी सेहत
अब स्पाइसजेट की कारोबारी सेहत के बारे में बात करें तो इसका स्टैंडएलोन नेट लॉस गिरकर 1503.01 करोड़ रुपये से गिरकर 409.44 करोड़ रुपये पर आ गया। हालांकि इस दौरान बेड़े में विमानों की संख्या 76 से गिरकर 65 पर आ गई जिसके चलते ऑपरेटिंग रेवेन्यू 21 फीसदी गिरकर 7049.97 करोड़ रुपये और ऑपरेटिंग इनकम 14 फीसदी फिसलकर 8496.97 करोड़ रुपये पर आ गया। वहीं दूसरी तरफ एसेट मोनेटाइजेशन के चलते इसकी अदर इनकम 38 फीसदी बढ़कर 1446.95 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।