इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मिनिस्टर राजीव चंद्रशेखर का कहना है कि भारत में एक लाख यूनिकॉर्न और 10-20 लाख स्टार्टअप का टारगेट हासिल करने की क्षमता है। उनका कहना था कि देश में ग्रोथ की जबरदस्त संभावनाएं हैं और इनोवेशन, आंत्रप्रेन्योरेशिप, इलेक्ट्रॉनिक्स वगैरह में भारत की मौजूदा सफलता महज एक बानगी है।
चंद्रशेखर ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रोद्योगिकी राज्य मंत्री के तौर पर दो साल पूरे कर लिए हैं। उनका कहना था कि भारत ने शानदार डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है और दुनिया को दिखाया है कि लोगों, समाज, समुदायों और पूरे देश के हित के लिए किस तरह से टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार, गवर्नेंस और इकनॉमी का डिजिटलाइजेशन अब और तेज रफ्तार से होगा। चंद्रशेखर ने पिछले दो साल में भारत के डिजिटल एजेंडे को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए काफी प्रयास किया है। साथ ही, उन्होंने देश में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने से जुड़े उपायों पर भी काफी काम किया है।
वह डिजिटल इंडिया बिल के अहम बिंदुओं पर भी गंभीरतापूर्वक काम कर रहे हैं। साथ ही, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल के मसौदे पर भी काम कर रहे हैं, जिसे कैबिनेट ने 5 जुलाई को मंजूरी दी है। इस बिल को संसद के मॉनसूत्र सत्र में पेश किया जा सकता है। मंत्री का कहना था कि ग्लोबल टेक्नोलॉजी और डिजिटल स्पेस में भारत की प्रगति अभी महज शुरुआत है और इसमें ग्रोथ के लिए अभी काफी गुंजाइश है।
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि ग्लोबल टेक्नोलॉजी और डिजिटल स्पेस में ग्रोथ की काफी संभावना है। हम 100-104 यूनकॉर्न और 1 लाख स्टार्टअप के बारे में बात कर रहे हैं। वास्तव में हमारा टारगेट 1 लाख यूनिकॉर्न और तकरीबन 10-20 लाख स्टार्टअप्स का है। मैं इस बात को लेकर काफी उत्साहित हूं कि इस यात्रा में हमारा भी कुछ योगदान होगा।'