इस सप्ताह की शुरुआत में भारत के कुछ सबसे बड़े स्टार्टअप्स के 20 फाउंडर्स और CXO का एक समूह सिलिकॉन वैली में दिग्गज आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (AI) फर्म्स के शीर्ष अधिकारियों के साथ चर्चा में शामिल हुआ। ये भारतीय स्टार्टअप वे स्टार्टअप थे, जिनमें जापान के सॉफ्टबैंक का निवेश है। बैठकें ऐसे समय में हो रही हैं, जब सॉफ्टबैंक ने AI ट्रेंड पर ध्यान केंद्रित करते हुए फिर से सक्रिय रूप से निवेश करना शुरू कर दिया है। मनीकंट्रोल को पता चला है कि सॉफ्टबैंक इंडिया द्वारा आयोजित दो दिवसीय AI टूर का उद्देश्य अपने प्रोडक्ट सूट में AI को शामिल करने के लिए अपनी पोर्टफोलियो कंपनियों के प्रयासों को सपोर्ट करना था।
सॉफ्टबैंक फ्रंटियर टेक, एडटेक, हेल्थ टेक, लॉजिस्टिक्स और फिनटेक जैसे सेक्टरों की पोर्टफोलियो कंपनियों को भी प्रोत्साहित कर रहा है, यह देखने के लिए कि वे अपने प्रोडक्ट की पेशकश में जेनेरिक AI का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं। ऐसी भी खबर है कि सॉफ्टबैंक AI का आईफोन बनाने के लिए OpenAI और एप्पल के पूर्व डिजाइनर जॉनी इवे के साथ बातचीत कर रही है।
कौन-कौन सी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी थे विजिटिंग ग्रुप में
विजिटिंग ग्रुप में शामिल पोर्टफोलियो कंपनियों में पेटीएम, लेंसकार्ट, मीशो, आइसर्टिस, अनएकेडमी, ओला इलेक्ट्रिक, एरुडिटस, व्हॉटफिक्स, माइंडटिकल, इनमोबी और सेंस एचक्यू के अधिकारी शामिल थे। जो अधिकारी समूह का हिस्सा थे, उनमें मीशो के फाउंडर विदित आत्रे और संजीव बरनवाल, आइसर्टिस के फाउंडर समीर बोडास, अनएकेडमी के फाउंडर गौरव मुंजा के अलावा पेटीएम, लेंसकार्ट, एरुडिटस, व्हॉटफिक्स और सेंसएचक्यू जैसी कंपनियों के सीटीओ शामिल थे।
उन्होंने ओपनएआई, एंथ्रोपिक, कोहेयर, डेटाब्रिक्स, मोजेकएमएल और Microsoft Azure AI जैसी दिग्गज AI कंपनियों के लीडर्स से मुलाकात की। दौरे का हिस्सा रहे अधिकारियों के अनुसार, चर्चा AI इस्तेमाल के मामलों, उद्यम के दृष्टिकोण से बेस्ट प्रैक्टिसेज, प्रोपराइटरी बनाम ओपन सोर्स LLMs (बड़े भाषा मॉडल), टेक्नोलॉजी ब्रेकथ्रोज और सेफ्टी गार्डरेल्स के इर्दगिर्द रही।