Byju's ने बुधवार को फाइनेंशियल ईयर 2020-21 की एनुअल रिपोर्ट्स पेश कर दी। कंपनी के फाउंडर और सीईओ बायजू रवींद्रन (Byju Raveendran) ने यह रिपोर्ट पेश की। बायजूस की एनुअल रिपोर्ट में अकाउंटिंग का जो तरीका अपनाया गया है, उसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा (Shankar Sharma) ने इस पर सवाल पूछे हैं। उन्होंने बायजूस के इनवेस्ट्स से इस बारे में सवाल किए हैं।
शर्मा ने इस बारे में अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने बायजूस के रेवेन्यू रीएडजस्टमेंट पर उसके इनवेस्टर्स से सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है। इस बारे में वीसी, पीई, एन्डॉमेंट्स आदि आराम से बैठे हुए है और ऐसी चीजें होने दे रहे हैं, इस बीच 'गवर्नेंस' की वैल्यू को अनदेखी क्यों हो रही है?
शर्मा ने फाइनेंशियल ईयर 2020-21 के बायजूस के अनऑडिटेड रेवेन्यू में रीएडजस्टमेंट्स पर इनवेस्टर्स का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की है। कंपनी के ऑडिटर्स-Deloitte Haskings & Sells के कहने पर दो प्रमुख बदलाव किए गए। पहला, रेवेन्यू रिकॉग्निशन के नेचर को बदल दिया गया। उदाहरण के लिए अगर कंपनी ने तीन साल का कोर्स बेचा था तो वह पूरा पेमेंट एक ही फाइनेंशियल ईयर में दिखा रही है। ऑडिटर्स ने कहा कि इसे तीन साल में बांटा जाना चाहिए। इसलिए बायजूस को एक्रुअल अकाउंटिंग की जगह कैश अकाउंटिंग का इस्तेमाल करने को कहा गया। इनवेस्टर्स ने कंपनी के इस रेवेन्यू रिकॉग्निशन के नेचर पर कोई सवाल नहीं किए।
बायजूस की पेरेंट कंपनी Think and Learn Pvt. Ltd ने कहा है कि 31 मार्च, 2021 को खत्म फाइनेंशियल ईयर में उसका लॉस बहुत ज्यादा बढ़कर 4,588.75 करोड़ रुपये हो गया। यह लॉस फाइनेंशियल ईयर 2019-20 में 231.69 करोड़ रुपये था। ऐसा कंपनी के अपने अकाउंटिंग स्टैंडर्ड में बदलाव करने से हुआ, जिसकी वजह से रेवेन्यू रिकॉग्निशन में देर हुई।
बायजूस ने करीब 18 महीनों की देर के बाद फाइनेंशियल ईयर 21 के अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजलट्स पेश किए। बायजूस की वैल्यूएश 22.6 अरब डॉलर है। यह सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाला एडटेक स्टार्टअप है।