23 साल की उम्र में 97 करोड़ डॉलर की कंपनी खड़ी करने वालीं अकिंती बोस ने Zilingo के बोर्ड से दिया इस्तीफा, जानिए पूरा मामला

Ankiti Bose: जिलिंगो की पूर्व सीईओ और को-फाउंडर अंकिती बोस को कंपनी ने कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में पिछले महीने बर्खास्त कर दिया गया था।

अपडेटेड Jun 30, 2022 पर 6:43 PM
जिलिंगो सिंगापुर मुख्यालय वाली एक B2B ई-कॉमर्स हैं

अंकिती बोस (Ankiti Bose)ने गुरुवार 30 जून को जिलिंगो (Zilingo) के बोर्ड से इस्तीफा देने का ऐलान किया। अंकिती, जिलिंगो की पूर्व सीईओ और को-फाउंडर हैं, जिन्हें वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में कंपनी से बर्खास्त कर दिया गया था। अंकिती ने एक बयान में कहा कि वह बोर्ड के सदस्य और शेयरधारक के रूप में जानकारी की अस्पष्टता के कारण इस्तीफा दे रही हैं।

उन्होंने कहा, "पिछले कुछ महीनों में कई बार आग्रह किए जाने के बावजूद जिलिंगो का बोर्ड मुझे ऐसी कोई भी रिपोर्ट (क्रॉल या डिलॉयट की तरफ से जांच रिपोर्ट ) दिखा पाने में विफल रहा, जिसमें मेरे द्वारा कंपनी में की गई कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर जांच की गई है, और मुझे किस आधार पर या कैसे इसका इस्तेमाल कर सीईओ के पद से बर्खास्त किया गया।"

उन्होंने कहा कि वह वह जिलिगो की होल्डिंग कंपनी और सब्सिडियरीज के बोर्ड में एक डायरेक्टर है और एक बड़ी शेयरहोल्डर हैं। इसके बावजूद कंपनी ने मेरे साथ ऐसा व्यवहार किया। अंकिती ने आरोप लगाया कि कंपनी से जुड़ी अन्य मैटेरियल जानकारियों को भी उनसे छुपाया गया।


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अंकिती ने कहा कि इस कदम से कंपनी के कर्मचारी और ग्राहक भी हैरान हैं। उन्होंने कहा, "असली नौकरियां और जिंदगियां दांव पर है।" साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह ऐसी हर योजना का समर्थन करेंगी, जिससे कंपनी में अधिकतर लोगों की नौकरी बचाने में मदद मिले।

जिलिंगो सिंगापुर मुख्यालय वाली एक B2B ई-कॉमर्स हैं। भारतीय मूल की अंकिती बोस को बीते 20 मई को कंपनी ने कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में बर्खास्त कर दिया। कंपनी ने बताया कि वह जब फंड जुटाने की तैयारी कर रही थी, तब उसे कागजों की जांच-पड़ताल के दौरान कई वित्तीय अनियमितताओं को पता चला। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि अंकिती बोस के कार्यकाल के दौरान कंपनी में कुछ सेक्सुअल हैरेसमेंट के केस भी आए थे, जिसे उन्होंने दबा दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक यह भी उनके इस्तीफे की एक वजह है।

हालांकि कंपनी जिलिंगो ने एक बयान में कहा कि बोर्ड ने उन्हें वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में निकाला है और यह फैसला सबकी सहमित से हुआ है। बोर्ड ने यह भी कहा कि अंकिती बोस को बर्खास्त करने से पहले बीते 31 मार्च को सस्पेंड किया गया था और सेक्सुलअ हैरसमेंट से जुड़ी सभी शिकायतें उनको सस्पेंड करने के बाद आई थीं।

जानिए अंकिती बोस के बारे में

अंकिती बोस 1992 में मुंबई में जन्मी थीं। उन्होंने मुंबई के ही सेंट जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएशन किया था। इसके बाद उन्होंने मैकेन्जी और सिकोइया कैपिटल में इनवेस्टमेंट एनालिस्ट के रूप में काम किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिंगापुर में छुट्टियां बिताने गईं अंकिती को वहां के लोगों में फैशन के प्रति जबरदस्त प्रेम दिखा। वहां कई सारे वीकेंड मार्केट थे, लेकिन एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस की कमी थी। यहीं से उन्हें जिलिंगो शुरू करने का आइडिया आया। महज 23 साल की उम्र में अंकिती ने अपने दोस्त ध्रुव कपूर के साथ मिलकर जिलिंगो शुरू किया, जो छोटो व्यवसायों को अपने अपने उत्पाद ऑनलाइन बेचने में मदद करता है।

2019 में जिलिगों की वैल्यूएशन 97 करोड़ डॉलर पहुंच गई थीं। सिकोइया कैपिटल और टेमासेक जैसे बड़े निवेशकों ने इस कंपनी में निवेश किया है। साल 2018 में अंकिती का नाम फोर्ब्स एशिया की 30 अंडर 30 लिस्ट में आया था। फॉर्च्यून की 30 अंडर 30 में उनका नाम आया था और उनके सिंगापुर में सफल महिलाओं के लिए एक मिसाल के रूप में देखा जाने लगा था।

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