Byju's के संकट के बाद इंडियन स्टार्टअप इकोसिस्टम के कॉरपोरेट गवर्नेंस में गड़बड़ियों की बात सामने आई है। फाउंडर्स और वेंचर कैपिटल इनवेस्टर्स जहां इस मामले में एक-दूसरे से सलाह-मशवरा कर रहे हैं, वहीं भारतीय बाजार के साइज को लेकर गलत अनुमानों को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। BharatPe के पूर्व एमडी अशनीर ग्रोवर ने अपने लिंक्डइन पोस्ट में इस मामले को लेकर अपनी राय रखी है। साथ ही, यह भी बताया कि वेंचर कैपिटल इनवेस्टर्स को किन चीजों की जानकारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, 'हमें फाउंडर्स को दोष देना बंद करना होगा। आपके हीरो बनने के लिए उन्हें विलेन बनाना ठीक नहीं है।' उन्होंने यह भी बताया कि भारत को किस तरह के वेंचर कैपिटल इनेवस्टर्स की जरूरत है। ग्रोवर के मुताबिक, यहां ऐसे इनवेस्टर्स की जरूरत है, जिन्हें मार्केट साइकल का अनुभव हो, मुश्किल दौर में चुनौतियों से निपटना जानते हों, बिजनेस की परफॉर्मेंस का सटीक विश्लेषण कर सकते हों और फाउंडर्स से उनका खुला संवाद हो। साथ ही, उन्हें कानूनी लड़ाइयों से बचना चाहिए।
ग्रोवर ने स्वतंत्र रूप से फैसले लेने की अहमियत पर भी जोर दिया और कहा कि इस मामले में पूरी तरह से प्रमुख इनवेस्टर्स पर निर्भरता ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, 'पीड़ित बनने की कोशिश से बचना चाहिए, जैसे कि यह कहना कि हमें तो कुछ पता ही नहीं था।'
ग्रोवर ने जेरोधा ( Zerodha) के फाउंडर नितिन कामत द्वारा शेयर किए गए लेख के जवाब में यह बात कही। नितिन कामत ने लिंक्डइन पर यह लेख शेयर करते हुए कहा था कि भारतीय स्टार्टअप्स में कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़ी गड़बड़ियों के मामले बढ़ सकते हैं। उनका कहना था कि इसकी मुख्य वजह फाउंडर्स और वेंचर कैपिटल इनवेस्टर्स द्वारा भारतीय बाजार के साइज को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाना है।
उन्होंने लिखा, 'मुझे लगता है कि ज्यादातर वेंचर कैपिटल इनवेस्टर्स ने बाजार के बारे में गलत अनुमान लगाया और शायद इसके साइज को बढ़ाकर पेश किया।' कामत द्वारा लेख शेयर किए जाने के तुरंत बाद ग्रोवर ने तुरंत उनकी बातों का समर्थन किया।