भारतपे (BharatPe) से जुड़े विवादों को पीछे छोड़ते हुए अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) और उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर (Madhuri Jain Grover) ने 'थर्ड यूनिकॉर्न प्राइवेट लिमिटेड (Third Unicorn Private Limited)' नाम से एक नई कंपनी रजिस्टर कराई है। कंपनियों से जुड़ी इनफॉर्मेशन रखने वाले प्लेटफॉर्म Tofler को मिले डेटा से यह जानकारी मिली है।
अशनीर ने बीते 14 जनवरी को अपने जन्मदिन के मौके पर एक ट्वीट में कहा था, "आज मैं 40 साल का हो गया। कुछ लोग कहेंगे कि मैंने पूरी जिंदगी ली है और कई लोगों से ज्यादा चीजों को अनुभव किया है। आने वाली पीढ़ियों के लिए वैल्यू जेनरेट की है।"
उन्होंने आगे अपनी नई कंपनी के नाम का संकेत देते हुए कहा था, "अब एक और सेक्टर में हलचल मचाने का वक्त आ गया है। अब थर्ड यूनिकॉर्न का वक्त आ गया है।" हालांकि उस वक्त शायद ही कोई अंदाजा लगा पाया था कि अशनीर थर्ड यूनिकॉर्न के जरिए अपने नई कंपनी के नाम की ओर इशारा कर रहे हैं।
Tofler को मिले डेटा के मुताबिक, थर्ड यूनिकॉर्न प्राइवेट लिमिटेड का गठन 6 जुलाई को किया गया है और अशनीर ग्रोवर व माधुरी जैन दोनों इसकी डायरेक्टर्स हैं। कंपनी की ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल 20 लाख है और इसका कुल पेड-अप कैपिटल 10 लाख रुपये है।
अशनीर इससे पहले फिनटेक कंपनी भारतपे के मैनेजिंग डायरेक्टर और को-फाउंडर थे। उन्होंने इस कंपनी को शुरुआत से खड़ा करने में मदद की थी। भारतपे उनकी अगुआई में पिछले साल अगस्त में एक यूनिकॉर्न (1 अरब डॉलर से अधिक वैल्यूएशन वाली कंपनी) बनी थी। माधुरी जैन, भारतपे की हेड ऑफ कंट्रोल्स थीं। हालांकि बाद में वित्तीय अनियमितता के आरोप में दोनों को काफी कड़वाहट भरे अनुभवों के साथ कंपनी छोड़नी पड़ी थी।
अशनीर ग्रोवर और उनकी पत्नी माधुरी जैन हमेशा कहते रहे हैं कि उनकी निकाला जाना अनुचित था और वे इस सभी विवाद के लिए कई बार कंपनी के सीईओ सुहैल समीर और चेयरमैन रजनीश कुमार को दोषी ठहरा चुके हैं।
भारतपे से पहले अशनीर ग्रोवर, किराना समानों की डिलीवरी करने वाली कंपनी ग्रोफर्स (अब ब्लिंकिट) से जुड़े थे। यह भी एक यूनिकॉर्न कंपनी है। अशनीर अगस्त 2017 तक ग्रोफर्स के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर्स थे। इस तरह वह दो यूनिकॉर्न को बनाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं और इसी का ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी नई कंपनी का नाम 'थर्ड यूनिकॉर्न' यानी तीसरा यूनिकॉर्न रखा है।
अभी इस बात की जानकारी नहीं है कि अशनीर ग्रोवर अपनी कंपनी के साथ किस सेक्टर में एंट्री करने जा रहे हैं। हालांकि BharatPe से हटने के बाद मार्च में मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वह निवेशकों की जगह, फाउंडर्स के पैसे से खड़ी होने वाली कंपनी बनाना पंसद करेंगे, जैसे- जीरोधा और जेटा। हालांकि इस बीच ऐसी भी कई रिपोर्टें आई हैं कि वह अपनी नई कंपनी के लिए फंडिग जुटाने की कोशिश के तहत निवेशकों से बातचीत कर रहे हैं।