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EoW की जांच में खुलासा, फंडों की हेराफेरी के लिए अशनीर ग्रोवर की फैमिली ने बैकडेट वाले इनवॉइस जेनरेट किए

भारतपे के को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर की फैमिली ने ऐसे फर्जी इनवॉइस जनरेट किए, जिनकी तारीख बैंक खाता खोले जाने से पहले की थी। आर्थिक अपराध शाखा ( EoW) की शुरुआती जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। अशनीर ग्रोवर की फैमिली पर रिक्रूटमेंट के ऑफर के बदले इस फिनेटक कंपनी से फंडों की हेराफेरी करने का आरोप है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 15, 2023 पर 7:26 PM
EoW की जांच में खुलासा, फंडों की हेराफेरी के लिए अशनीर ग्रोवर की फैमिली ने बैकडेट वाले इनवॉइस जेनरेट किए
अगर ग्रोवर इन मामलों में दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें 10 साल की सजा हो सकती है।

भारतपे (BharatPe) के को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर की फैमिली ने ऐसे फर्जी इनवॉइस जनरेट किए, जिनकी तारीख बैंक खाता खोले जाने से पहले की थी। आर्थिक अपराध शाखा ( EoW) की शुरुआती जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। अशनीर ग्रोवर की फैमिली पर रिक्रूटमेंट के ऑफर के बदले इस फिनेटक कंपनी से फंडों की हेराफेरी करने का आरोप है।

उदाहरण के तौर पर, 7 अगस्त 2019 को 39.9 लाख रुपये का इनवॉइस जनेरेट किया गया, जबकि इससे जुड़ा बैंक खाता 22 अगस्त, 2019 को खोला गया था। यह इस बात का संकेत है कि भारतपे से फंडों की हेराफेरी के लिए पिछली तारीख वाले इनवॉइस का इस्तेमाल किया गया।

इस सिलसिले में दिल्ली हाई कोर्ट में सौंपी गई स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया है, 'जांच एजेंसी को ये इनवॉइस वेंडरों और शिकायतकर्ता कंपनी द्वारा मुहैया कराए गए। इसकी जांच में पता चला कि ये फर्जी इनवॉइस फर्मों से जुड़े बैंक खाते खोले जाने के बाद की तारीख के हैं। इन फर्मों को स्थापित कर उनके लिए बैंक खातों को खोलने का एकमात्र मकसद फंडों की हेराफेरी और आरोपित लोगों को गैर-जरूरी फायदा पहुंचाना था।

रिपोर्ट के मुताबिक, 'जांच के दायरे में शामिल सभी 8 एचआर फर्मों के रजिस्टर्ड पते माधुरी जैन, सुरेश जैन (माधुरी (जैन) ग्रोवर के पिता) और श्वेतांक जैन (माधुरी जैन के पिता) के हैं। इन सभी कथित फर्मों में तकरीबन 7.60 करोड़ रुपये जमा हुए और सभी क्रेडिट एंट्री शिकायतकर्ता कंपनी RIPL की तरफ से हुई हैं। '

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