BharatPe के कोफाउंडर और शार्क टैंक इंडिया के पहले सीजन में (Shark Tank India-1) जज की कुर्सी संभाल चुके अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) अपना एक नया ऐप लेकर आए हैं। अशनीर ग्रोवर और उनकी पत्नी माधुरी जैन ने अपने नए वेंचर थर्ड यूनिकॉर्न के तहत क्रिकपे (CrickPe) को लॉन्च किया है। यह एक क्रिकेट फैंटसी स्पोर्ट्स ऐप है जो कि मार्केट में पहले से ही मौजूद ड्रीम11, मोबाइल प्रीमियर लीग (MPL) और Games24x7 के My11Circle जैसे ऐप को टक्कर देगा।
IPL से ठीक पहले लॉन्च हुआ अशनीर ग्रोवर का यह ऐप
अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) ने अपने इस ऐप को IPL शुरू होने से लगभग एक हफ्ते पहले मार्केट में लॉन्च किया है। अशनीर ने 23 मार्च को अपने ट्विटर अकाउंट पर इस बारे में ऐलान किया था। इस ऐप का यूज 18 साल से ज्यादा की उम्र वाले यूजर्स कर पाएंगे। यूजर्स इस ऐप के जरिए प्लेयर्स के साथ अपनी एक वर्चुएल या फिर डिजिटल टीम बना सकते हैं और असल में चल रहे मैच में उनकी परफॉर्मेंस के आधार पर नकद इनाम भी जीत सकते हैं। हालांकि इस ऐप में चल रहे कॉम्पटीशन में हिस्सा लेने के लिए आपको चार्ज भी देना होगा। इसके अलावा यूजर्स अपने दोस्तों के साथ प्राइवेट ग्रुप भी बना सकते हैं।
क्रिकपे (CrickPe) किसी भी कॉम्पटीशन के लिए हासिल हुए टोटल फंड का 10 फीसदी हिस्सा प्लेटफॉर्म फीस के तौर पर वसूलेगा। इसके अलावा इस प्लेटफॉर्म पर यूजर्स प्रैक्टिस करने और अपनी स्किल को सुधारने के लिए फ्री में कॉन्टेस्ट भी खेल पाएंगे। क्रिकपे की नजर शुरू होने वाले IPL टूर्नामेंट पर है। IPL फैंटेसी क्रिकेट लीग ऐप्स के लिए सबसे बड़े और अहम क्रिकेट टूर्नामेंट्स में से एक है। IPLऐसे ऐप के लिए अपने यूजर बेस को बढ़ाने में काफी हेल्पफुल साबित होता है।
अपने फेवरेट क्रिकेटर को भी पैसा भेज सकते हैं यूजर्स
क्रिकपे (CrickPe) की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस पर फैंस अपने फेवरेट क्रिकेटर को पैसा भी भेज सकते हैं। फैंस हर साल अपने फेवरेट क्रिकेटर को 100 रुपये से लेकर 100,000 रुपये तक भेज सकते हैं। हालांकि क्रिकपे ने जानकारी देते हुए कहा है कि वे क्रिकेटरों के एजेंट के तौर पर काम नहीं कर रहे हैं और उनकी ओर से फंड कलेक्ट करने के लिए कोई कॉन्ट्रैक्ट भी नहीं हुआ है।
पिछले साल शुरू की थी अपनी कंपनी थर्ड यूनिकॉर्न
अशनीर ग्रोवर ने BharatPe से निकलने के बाद जुलाई 2022 में अपनी पत्नी माधुरी जैन के साथ थर्ड यूनिकॉर्न की स्थापना की थी। चंडीगढ़ के बिजनेसमैन असीम घावरी इसके तीसरे कोफाउंडर हैं। अपने एक लिंकडिन पोस्ट में अशनीर ने कहा था कि उनकी कंपनी केवल देसी और सेल्फ अर्न कैपिटल यानी खुद से कमाई हुई पूंजी का इस्तेमाल करेगी और अपनी टीम को केवल 50 इंप्लॉई तक ही सीमित रखेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अपनी सीडिंग फंडिन में कंपनी 4 मिलियन डॉलर से भी ज्यादा जुटा चुकी है।
भारत में तेजी से बढ़ रहा फैंटेसी गेमिंग ऐप का मार्केट
बता दें कि भारत में बेहद तेजी से फैंटसी गेमिंग ऐप का मार्केट बढ़ रहा है। लोगों ने लॉकडाउन के वक्त भी घर बैठे टाइमपास करने और रिवॉर्ड्स जीतने के लिए ऐसे ऐप्स को खूब डाउनलोड किया था। गेमिंग और इंटरएक्टिव मीडिया वेंचर फंड लुमिकाई की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में गेमिंग से होने वाला रवेन्यू भी साल 2022 में बढ़कर 2.6 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया है।