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Exclusive: अशनीर ग्रोवर जल्दी ही BharatPe को नोटिस भेजेंगे, जानिए आगे क्या मोड़ ले सकता है यह मामला

BharatPe को नोटिस भेजने के बाद 30 दिनों का वेटिंग पीरियड होगा, लेकिन असाधारण हालात में 30 दिन से पहले भी कोर्ट जाया जा सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 22, 2022 पर 11:00 AM
Exclusive: अशनीर ग्रोवर जल्दी ही BharatPe को नोटिस भेजेंगे, जानिए आगे क्या मोड़ ले सकता है यह मामला
BharatPe के को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर अब कंपनी के साथ कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं

BharatPe के फाउंडर अशनीर ग्रोवर के वकीलों की टीम कंपनी के साथ कानूनी लड़ाई शुरू करने वाले हैं। अशनीर ग्रोवर के वकील जल्दी ही BharatPe को नोटिस भेजने वाले हैं। इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि अशनीर ग्रोवर कंपनी के गवर्नेंस रिव्यू कराने के फैसले और उन्हें कंपनी से बाहर निकालने की कोशिशों को चुनौती देंगे।

इस पूरे घटना की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि वकील जल्दी ही BharatPe को नोटिस भेजेंगे। उन्होंने ये भी बताया, "एग्रीमेंट के मुताबिक आप सिविल केस नहीं कर सकते हैं। इसके मुताबिक, सिर्फ आर्बिट्रेशन फाइल करने का अधिकार है। अगर कंपनी राजी हो जाती है तो वे मिलकर एक आर्बिट्रेटर की नियुक्ति कर सकते हैं। अगर कंपनी राजी नहीं होती है तो अशनीर ग्रोवर हाई कोर्ट जाएंगे और आर्बिट्रेटर की नियुक्ति की मांग करेंगे।"

आर्बिट्रेशन क्लाउज का जिक्र शेयर परचेज एग्रीमेंट और शेयर होल्डिंग एग्रीमेंट है। लेकिन दोनों में से कोई भी डॉक्यूमेंट्स सार्वजनिक नहीं है। अशनीर ग्रोवर को इस मामले में दो लॉ फर्म्स करनजवाला (Karanjawala) और मेराकी ( Meraki) के अलावा सीनियर लॉयर रितिन राय सलाह दे रहे हैं।

सूत्र ने बताया, "कंपनी को नोटिस भेजने के बाद 30 दिनों का वेटिंग पीरियड होगा। लेकिन असाधारण हालात में 30 दिन से पहले भी कोर्ट जाया जा सकता है।" इस मामले की जानकारी रखने वाले एक अन्य सूत्र ने बताया, "करणजवाला लॉ फर्म ऐसे फैक्ट्स जुटाने में लगी है जिससे गवर्नेंस रिव्यू को अवैध करार दिया जा सके। "

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