एडटेक स्टार्टअप बायजूज (Byju's) ने सोमवार 14 अगस्त को अपने करीब 110 से अधिक निवेशकों के साथ एक बैठक की। सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान कंपनी ने अपने टर्म लोन-B लेनदारों के साथ चल बातचीत, कंपनी के ऑडिटेड नजरिए आदि को लेकर निवेशकों को जानकारी दी। इस बैठक में बायजूज की ओर से से कंपनी के फाउंडर, टॉप एग्जिक्यूटिव्स और एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य शामिल थे। Byju's ने अपने निवेशकों के साथ यह बैठक ऐसे समय में की है, जब कंपनी एक साथ कई मोर्चों पर चुनौतियों से जूझ रही हैं। इसमें लोन की शर्तों पर दोबारा काम करने की समय सीमा चूकना, अपने ऑडिट किए हुए नतीजों को दाखिल करने में देरी और फंड जुटाने की प्रक्रिया में देरी आदि शामिल है।
एक सूत्र ने मनीकंट्रोल को बताया कि कंपनी के फाउंडर बायजू रवींद्रन (Byju Raveendran) और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर, अजय गोयल ने इस बात को लेकर जानकारी दी कि फर्म के लिए उसका एक अच्छी तिमाही की परिभाषा क्या होगी, खासतौर से जब वे अपने कारोबार को व्यस्थित करने में जुटी है।
कंपनी के एडवाइजरी काउंसिल के सदस्यों- मोहनदास पई और रजनीश कुमार ने इसके बायजूज के बिजनेस में भरोसा जताया। कॉल पर मौजूद कुछ निवेशकों में जनरल अटलांटिक, पीक एक्सवी पार्टनर्स, प्रोसस और चैन जुकरबर्ग इनिशिएटिव जैसी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे। बायजू रवीन्द्रन ने इस खबर पर प्रतिक्रिया की मांग का तुरंत जवाब नहीं दिया।
बैठक का हिस्सा रहे एक व्यक्ति ने कहा, "यह एक बहुत ही भरोसा जगाने वाली कॉल थी। बायजू ने कहा कि टीएलबी (टर्म लोन बी) बातचीत महीने के अंत तक पूरी हो जानी चाहिए और डेविडसन केम्पनर के साथ बातचीत भी अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2022 के लिए ऑडिट नतीजे सितंबर के अंत तक तैयार हो जाने चाहिए और FY23 के नतीजे इस साल के अंत तक तैयार हो जाने चाहिए।"
इस बीच Byju's ने इंफोसिस (infosys) के दिग्गज रिचर्ड लोबो को हायर किया है। कंपनी के ह्यूमन रिसोर्स फंक्शन को बदलने में मदद के लिए लोबो को एक विशेष सलाहकार के रूप में हायर किया गया है। बता दें कि दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस को 23 सालों तक अपनी सेवा देने के बाद लोबो ने हाल ही में इस्तीफा दिया है। उन्होंने इंफोसिस में 8 साल तक HR हेड के रूप में काम किया है।