एडटेक यूनिकॉर्न कंपनी बायजू (Byju's) आने वाले महीने यानी अप्रैल 2023 में एक बड़ा फंड जुटा सकती है। इस पूरे मामले से वाकिफ सूत्रों ने ऐसी जानकारी दी है कि डटेक कंपनी बायजू अप्रैल में 22 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर 25 करोड़ डॉलर के इक्विटी फंडिंग सौदा को पूरा कर सकती है। बता दें कि इससे पहले भी बायजू पिछले साल अक्टूबर में बड़ी फंडिंग जुटाने में कामयाब रही थी।
अक्टूबर में भी Byju's को मिली थी बड़ी फंडिंग
बता दें कि पिछले साल यानी अक्टूबर 2022 में भी एडटेक यूनिकॉर्न कंपनी बायजू (Byju's) 22 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर 25 करोड़ डॉलर की फंडिंग हासिल करने में कामयाब रही थी। मामले से जुड़े एक सोर्स ने न्यूज एजेंसी को पीटीआई को जानकारी देते हुए बताया कि 22 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर 25 करोड़ डॉलर की फंडिंग जुटाने की प्लानिंग पर काम कर रही है। इसकी टर्म शीट भी करीब दो-तीन हफ्ते में बंद हो जाएगी।
इक्विटी सौदे के तहत फंडिंग जुटा रही है Byju's
वहीं इस पूरे मामले से जुड़े एक और सूत्र ने बताया कि ये फंडिंग पूरी तरह से इक्विटी डील के तहत जुटाई जा रही है और ये सौदा 22 बिलियन अमेरिकी डॉलर की फ्लैट वैल्यूएशन पर हो रहा है। हालांकि मनीकंट्रोल की टीम की तरफ से संपर्क किए जाने पर बायजू ने इस पर किसी भी तरह की कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया।
पिछली बार किसने दी थी Byju's को फंडिंग
कंपनी ने पिछली बार मौजूदा निवेशकों और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी से 25 करोड़ डॉलर जुटाए थे। कंपनी ने मार्च 2022 में घोषित 800 मिलियन अमेरिकी डॉलर के फंडिंग राउंड में 22 बिलियन अमेरिकी डॉलर की वैल्यूएशन हासिल की थी। बायजूज ने इस महीने के अंत तक मुनाफे में आने का लक्ष्य रखा है। कंपनी ने अपनी इस योजना के तहत 2,500 कर्मचारियों की छंटनी की और भारत और विदेशों के लिए 10,000 टीचरों को अपॉइंट किया है।
Byju's को झेलना पड़ा है बंपर घाटा
Byju's ने मार्च 2021 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में 4,588 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया है, जो इसके पिछले फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले 19 गुना अधिक है। साल 2020-21 में बायजू को 2019-20 के मुकाबले 231.69 करोड़ रुपये का घाटा सहना पड़ा था। वित्तीय वर्ष (FY) 2021 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू FY20 में 2,511 करोड़ रुपये से घटकर 2,428 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि मार्च में खत्म होने वाले फाइनेंशियल ईयर के दौरान कंपनी का रेवेन्यू चार गुणा बढ़कर 10,000 करोड़ रुपये हो गया था।