Byju's ने पीएफ एक्ट का भी उल्लंघन किया है। कंपनी पिछले साल अक्टूबर से ही अपने एंप्लॉयीज के पीएफ कंट्रिब्यूशन का पेमेंट समय पर नहीं कर रही है। इसके लिए EPFO बायजूज के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। बाजजूज इंडिया की सबसे मूल्यवान स्टार्टअप है। यह पिछले कुछ समय से मुश्किलों का सामना कर रही है। ईपीएफओ के सूत्रों ने बताया कि कंपनी पीएफ कंट्रिब्यूशन के पेमेंट में करीब 3 से 4 महीनों की देर कर रही है। कुछ एंप्लॉयीज का दिसंबर का कंट्रिब्यूशन उसने जून में किया है।
कई एंप्लॉयज का कंट्रिब्यूशन नवंबर के बाद से नहीं किया
मनीकंट्रोल ने पिछले हफ्ते बायजूज के पीएफ कंट्रिब्यूशन में देर करने की खबर दी थी। उसके बाद कंपनी ने पीएफ कंट्रिब्यूशन समय पर करने की कोशिश की थी। मनीकंट्रोल ने अपनी खबर में कहा था कि कुछ एंप्लॉयीज के पासबुक में पिछले साल नवंबर से कंट्रिब्यूशन नहीं दिखा है। हालांकि, एंप्लॉयीज की सैलरी स्लिप में पीएफ कंट्रिब्यूशन दिखाया गया है।
ज्यादातर एंप्लॉयज का पेमेंट अप्रैल के बाद से नहीं
मनीकंट्रोल ने जब बायजूज से पीएफ कंट्रिब्यूशन का पेमेंट समय पर नहीं करने के बारे में पूछा था तो उसने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था। कंपनी से जुड़े सूत्रों ने कहा था कि इसकी वजह रिफ्लेशन से जुड़ा मसला है और कंपनी लगातार पीएफ का पेमेंट करती आ रही है। लेकिन, डेटा बताते हैं कि करीब 10,000-13,000 एंप्लॉयीज के पीएफ का ही पेमेंट जनवरी, फरवरी और मार्च के लिए मिला है। ज्यादातर एंप्लॉयीज के पीएफ का पेमेंट अप्रैल और जून के लिए नहीं किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया है स्पष्ट आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2022 के अपने एक फैसले में कहा था कि अगर किसी एंप्लॉयी के पीएफ कंट्रिब्यूशन में देर होती है तो उससे होने वाले नुकसान की भरपाई एंप्लॉयर को करना होगा। पीएफ एक्ट के मुताबिक, कंपनियों के लिए अगले महीने की 15 तारीख से पलहे पीएफ कंट्रिब्यूशन करना जरूरी है। अगर पेमेंट में देर होती है तो एंप्लॉयी इसकी शिकायत ईपीएफओ में कर सकता है। अगर एंप्लॉयीज ईपीएफओ में कंपनी के खिलाफ शिकायत करता है तो इसकी जांच की जाती है। उसके बाद देर से पेमेंट होने पर ईपीएफओ एंप्लॉयर से नुकसान की भरपाई करने को कहता है। ऐसे में मामलों में एंप्लॉयर के खिलाफ पुलिस में भी शिकायत की जा सकती है।