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Cockroach Startup: यूनिकॉर्न नहीं, फंडिंग की किल्लत के बीच अब 'कॉकरोच स्टार्टअप' की बढ़ी मांग, जानिए क्या होता है यह?

स्टार्टअप इंडस्ट्री में फंडिंग की किल्लत के बीच निवेशक अब 'कॉकरोच' स्टार्टअप में निवेश को लेकर अधिक दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जिनमें किसी भी परिस्थिति को सफलतापूर्वक झेलने की क्षमता होती है। निवेश के लिहाज से साल 2023 में सभी तरह के स्टार्टअप्स के बीच 'कॉकरोच' स्टार्टअप की मांग यूनिकॉर्स से भी अधिक रह सकती है

Moneycontrol Newsअपडेटेड Jan 03, 2023 पर 7:17 PM
Cockroach Startup: यूनिकॉर्न नहीं, फंडिंग की किल्लत के बीच अब 'कॉकरोच स्टार्टअप' की बढ़ी मांग, जानिए क्या होता है यह?
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है

प्रियंका बंसल (बदला हुआ नाम) एक एडटेक कंपनी की फाउंडर हैं। पिछले साल नवबंर में वह सीरीज-ए राउंड की फडिंग की तहत 1.2 करोड़ डॉलर जुटाने की कोशिश में थी। उन्हें पूरा भरोसा था कि वह जिस वैल्यूशन पर फंडिंग जुटा रही हैं, उसमें उन्हें कोई दिक्कत नहीं आएगी। उनका आकलन सरल था कि स्टार्टअप इंडस्ट्री में फंडिंग की जो दिक्कत आई है, उसका असर अभी शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स पर नहीं पड़ा था। साथ ही उनका यह भी मानना था कि उनका स्टार्टअप हायर एजुकेशन और अपस्किलिंग को लक्ष्य में रखकर काम करता है और एडटेड सेक्टर का यह सेगमेंट इस समय काफी फोकस में है।

रूस-यूक्रेन जंग के बीच महंगाई को रोकने के लिए दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की तरफ से ब्याज दरें बढ़ाने की घटना ने पिछले साल वित्तीय बाजारों को बुरी तरह प्रभावित किया था, जिसके चलते स्टार्टअप इंडस्ट्री में फंडिंग की किल्लत आ गई थी।

साल 2021 में भारतीय स्टार्टअप्स ने करीब 41 अरब डॉलर की इक्विटी फंडिंग जुटाई थी। हालांकि साल 2022 की पहली तिमाही तक आते-आते स्थितियां बदल गईं। ट्रैक्सन टेक्नोलॉजीज के एक आंकड़े के मुताबिक, साल 2022 में प्राइवेट इक्विटी (PF) फर्मों और वेंचर कैपिटल से आने वाली फंडिंग घटकर 25.9 अरब डॉलर पर आ गया। साल 2022 के आखिरी तीन महीने में तो फंडिंग पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले आधा घटकर 18.1 अरब डॉलर रही।

बसंल की कंपनी के एक सलाहकार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "सीरीज-ए और शुरुआती चरण के फंडिंग राउंड में इस साल भी हलचल रही और निवेशक मजबूत ग्रोथ की संभावना वाले सेक्टर्स की तलाश में थे।"

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