DeHaat Layoffs : 11.5 करोड़ डॉलर जुटाने के एक साल से भी कम वक्त के भीतर एग्रीटेक स्टार्टअप देहाट अपने यहां छंटनी का बड़ा फैसला किया है। इस क्रम में स्टार्टअप ने 500 कर्मचारी निकाले हैं। हालांकि, स्टार्टअप के फाउंडर और सीईओ शशांक कुमार ने इस आंकड़े को गलत बताया है। कंपनी द्वारा बीते साल जुटाई गई रकम को किसी भारतीय एग्रीकल्चर टेक स्टार्टअप की सबसे बड़ी फंडिंग बताया गया था।
फाउंडर ने आंकड़े पर उठाए सवाल
मनीकंट्रोल के साथ 1 अगस्त को एक वर्चुअल संवाद में, कुमार ने बताया कि कंपनी ने कर्मचारियों को जाने के लिए कहा है, लेकिन यह आंकड़ा तीन अंकों में नहीं है। उन्होंने कहा, “छंटनी का आंकड़ा गलत है। यह प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए सुधार का एक प्रयास है, लेकिन आंकड़ा निश्चित रूप से तीन अंकों में नहीं है।”
14-15 महीने में 1200 से ज्यादा कीं भर्तियां
कंपनी के मुताबिक, उसके कर्मचारियों की संख्या 2,000 है। कुमार ने कहा, पिछले 14 से 15 महीनों के दौरान कंपनी ने 1,200 से 1,300 के बीच भर्तियां की हैं।
गुरग्राम, हरियाणा और पटना, बिहार बेस्ड कंपनी देहाट एक टेक्नोलॉजी बेस्ड प्लेटफॉर्म है, जो किसान को विभिन्न एग्रीकल्चर सेवाएं देता है।
आईआईटी, आईआईएम और एनआईटी के पूर्व छात्रों, कुमार, अमरेंद्र सिंह, श्याम सुंदर और आदर्श श्रीवास्तव द्वारा 2012 में स्थापित स्टार्टअप में सिकोइया कैपिटल इंडिया (Sequoia Capital India), सोफीना (Sofina), लाइटरॉक (Lightrock), और टेमासेक (Temasek) जैसे इनवेस्टर्स ने निवेश किया है।
अक्टूबर 2021 में आंकी गई थी 50 करोड़ डॉलर से ज्यादा वैल्यू
अक्टूबर, 2021 में हुए पिछले फंडिंग राउंड में स्टार्टअप की वैल्यूएशन 50 करोड़ डॉलर से ज्यादा आंकी गई थी। एक अरब डॉलर या उससे ज्यादा वैल्यूएशन के स्टार्टअप को यूनिकॉर्न (unicorn) कहा जाता है। स्थापना के बाद से अभी तक कंपनी 16.1 करोड़ डॉलर जुटा चुकी है।
इंक42 की फरवरी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च, 2021 को समाप्त वित्त वर्ष के दौरान भले ही कंपनी का रेवेन्यू लगभग दोगुना हो गया, लेकिन उसका घाटा सालाना आधार पर लगभग तीन गुना बढ़ गया है।
कुमार ने कहा कि कंपनी अपनी ग्रोथ स्ट्रैटजी में बदलाव की योजना नहीं बना रही है लेकिन उसका मार्च, 2024 तक प्रॉफिटेबिलिटी में आने का लक्ष्य है।