फैंटेसी स्पोर्ट्स से जुड़ी Dream11 ने स्टार्टअप सिक्सर को खरीद लिया है। सिक्सर एक फैंटेसी क्रिकेट स्टॉक्स स्टार्टअप है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों से मनीकंट्रोल को पता चला है कि Dream11 ने स्टार्टअप को उसकी पेशकशों को बढ़ाने में मदद करने के लिए उसमें पैसा लगाया है। Dream11 द्वारा खरीद लिए जाने के बाद सिक्सर की वेबसाइट अपडेट हो गई है और उस पर यह शो होने लगा है कि Dream11 की पेरेंट कंपनी ड्रीम स्पोर्ट्स (स्पोर्टा टेक्नोलोजिज) सिक्सर की वेबसाइट और मोबाइल ऐप की मालिक है और उसे संचालित करती है। सिक्सर ऐप के यूजर्स को सिक्सर के फाउंडर अमय मखीजा की ओर से एक आधिकारिक ईमेल कम्युनिकेशन भी मिला है। इसमें कहा गया है कि सिक्सर को Dream11 ने खरीद लिया है।
सिक्सर को साल 2018 में शुरू किया गया था। सिक्सर ने जून 2021 में बुलपेन कैपिटल, जेंटिंग वेंचर्स और वेलो पार्टनर्स जैसे निवेशकों से 30 लाख डॉलर जुटाए थे। सिक्सर एक फैंटेसी क्रिकेट गेम है, जिसमें दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ियों को वर्चुअल स्टॉक के रूप में प्रेजेंट किया जाता है। इन्हें लोग खरीद और बेच सकते हैं। वेबसाइट पर उल्लिखित कुछ खिलाड़ियों में जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, केएल राहुल और सूर्यकुमार यादव शामिल हैं। यूजर, खिलाड़ी के प्रदर्शन को ट्रैक कर सकता है, खिलाड़ियों का एक पोर्टफोलियो बना सकता है, चुन सकता है कि प्रत्येक खिलाड़ी में कितने फैंटेसी स्टॉक खरीदने हैं और देख सकता है कि उनकी ऑन-फील्ड सफलता के आधार पर उनके मूल्य में कैसे उतार-चढ़ाव होता है। एक खिलाड़ी की कीमत प्रत्येक खेल में उनकी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग स्कोर पर बेस्ड होती है।
मखीजा की ओर से भेजे गए ईमेल में कहा गया है, "Dream11 के साथ हमारी नई साझेदारी हमें अब तक जो कुछ भी बनाया है उसे अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ाने का अनूठा अवसर देती है। Dream11 के साथ, सिक्सर प्लेटफॉर्म लगातार ग्रोथ का अनुभव करेगा और हम अपनी कम्युनिटी के लिए और भी अधिक मजेदार फीचर्स लाने में सक्षम होंगे।" पिछले कुछ वर्षों में ड्रीम स्पोर्ट्स ने अपने कॉर्पोरेट वेंचर और मर्जर एंड एक्वीजीशन शाखा ड्रीम कैपिटल के माध्यम से कई स्टार्टअप में निवेश किया है। ड्रीम कैपिटल के पास स्पोर्ट्स, गेमिंग और फिटनेस-टेक स्टार्टअप्स में निवेश करने के लिए 25 करोड़ डॉलर का कोष है।
ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को मिल रहे हैं टैक्स नोटिस
जीएसटी अधिकारियों ने हाल के हफ्तों में ड्रीम स्पोर्ट्स सहित कई रियल-मनी वाली गेमिंग कंपनियों को रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स नोटिस भेजे हैं। ड्रीम स्पोर्ट्स ने कथित जीएसटी चोरी और बेट्स की फेस वैल्यू पर 28 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान न करने के लिए कर अधिकारियों द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की है। कहा जा रहा है कि ड्रीम स्पोर्ट्स के खिलाफ कुल जीएसटी डिमांड 40,000 करोड़ रुपये या उससे भी अधिक तक जा सकती है।