Eternal, Swiggy, Zepto, Amazon और Meesho आए साथ; बदल जाएगी ऑनलाइन शॉपिंग!

देश में ई-कॉमर्स सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके पांच साल में तीन गुना होने की उम्मीद है। हालांकि इससे जुड़ी कुछ चुनौतियां भी हैं तो जोमैटो (Zomato) की एटर्नल (Eternal), एमेजॉन (Amazon), स्विगी (Swiggy), मीशो (Meesho), और जेप्टो (Zepto) ने मिलकर एक नई इंडस्ट्री-लेड प्लेटफॉर्म डिजिटल कॉमर्स कोअलिशन (Digital Commerce Coalition) लॉन्च किया है। जानिए कि ई-कॉमर्स सेगमेंट की दिक्कतें क्या हैं और साझेदारी से क्या होगा

अपडेटेड Jun 02, 2026 पर 2:17 PM
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देश का ई-कॉमर्स बाजार वित्त वर्ष 2025 में करीब $7 हजार करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2030 में $17.4-21.4 हजार करोड़ तक पहुचं सकता है।

देश की टॉप डिजिटल कंपनियां जोमैटो (Zomato) की एटर्नल (Eternal), एमेजॉन (Amazon), स्विगी (Swiggy), मीशो (Meesho), और जेप्टो (Zepto) एक साथ आ रहे हैं। ये कंपनियां मिलकर एक नई इंडस्ट्री-लेड प्लेटफॉर्म डिजिटल कॉमर्स कोअलिशन (Digital Commerce Coalition) लॉन्च किया है। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब देश में डिजिटल कॉमर्स तेजी से आगे बढ़ रही है तो दूसरी तरफ ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स कंपनियों की कारोबारी गतिविधियों पर नियामकीय निगरानी भी बढ़ रही है। नई दिल्ली की एक पब्लिक पॉलिसी कंसल्टिंग फर्म Koan Advisory Group इसके सेक्रेटेरिएट के तौर पर काम करेगी, जो इसके एंगेजमेंट, रिसर्च और एक्टिविटीज को लेकर सपोर्ट करेगी।

ये चीजें हैं प्रायोरिटी पर

डिजिटल कॉमर्स कोअलिशन का कहना है कि इसका फोकस उन चीजों पर रहेगा, जिस पर मिलकर काम करने से ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने, डिलीवरी पार्टनर्स को सपोर्ट करने, आंत्रप्रेन्योर और छोटे कारोबारियों के लिए मौके बढ़ाने, सप्लाई चेन को मजबूत करने और ब्रोडर लेवल पर इकनॉमिक डेवलपमेंट को लेकर मदद मिल सकती है। इसकी प्रायोरिटी में ग्राहकों के भरोसे को मजबूत करने, रिस्पांसिबल इनोवेशन को बढ़ावा देने और आर्थिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ डिजिटल अर्थव्यवस्था में लोगों और पर्यावरण के लिए पॉजिटिव रिजल्ट सुनिश्चित करना शामिल है।


एटर्नल के पब्लिक पॉलिसी हेड जसकिरन बेदी के मुताबिक इस साझेदारी से इंडस्ट्री के भीतर तालमेल मजबूत होगा। जेप्टो के चीफ पॉलिसी ऑफिसर रचित रंजन का कहना है कि डिजिटल कॉमर्स सेक्टर एक अहम मोड़ पर है और इंडस्ट्री के चयन से यह तय होगा कि MSME की मार्केट तक पहुंच कैसी होगी, सप्लाई चेन कितनी मजबूत होगी और ग्राहकों का भरोसा कैसे बना रहेगा और ई-कॉमर्स कंपनियों के बीच साझेदारी इसलिए अहम है क्योंकि इन चीजों पर कोई एक कंपनी अकेले रास्ता नहीं निकाल सकती है। मीशी के पब्लिक पॉलिसी हेड प्राची बुचर का कहना है कि जैसे-जैसे ई-कॉमर्स का दायरा बढ़ रहा है, कंपनियों के बीच की आपसी साझेदारी से एक समान ग्रोथ तय करने में मदद मिलेगी।

5 साल में तीन गुना बढ़ जाएगा देश का ई-कॉमर्स बाजार

देश में ई-कॉमर्स बाजार तेजी से बढ़ रहा है। घरेलू ब्रोकरेज फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक पांच साल में यह करीब तीन गुना हो सकता है और वित्त वर्ष 2025 में करीब $7 हजार करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2030 में $17.4-21.4 हजार करोड़ तक पहुचं सकता है। इस दौरान रिटेल में भी इसका दबदबा बढ़ सकता है और ब्रोकरेज की रिपोर्ट के मुताबिक ओवरऑल रिटेल में ई-कॉमर्स की हिस्सेदारी 7% से उछलकर 13% तक पहुंच सकती है।

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