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Flipkart और PhonePe के रास्ते अलग होने के बाद भी एक-दूसरे से होकर गुजरते हैं, जानिए दोनों के अलग होने की कहानी

फ्लिपकार्ट ने 2011 में मीडिया डिस्ट्रिब्यूशन स्टार्टअप MIME360 को खरीदा था। इस स्टार्टअप की शुरुआत समीर निगम, बर्जिन इंजीनियर और राहुल चारी ने की थी। तीनों एग्जिक्यूटिव्स ने उसके बाद फ्लिपकार्ट में सीनियर पदों पर काम करना शुरू किया था। तीन साल बाद उन्होंने डिजिटल पेमेंट ऐप PhonePe शुरू करने के लिए फ्लिपकार्ट से बाहर चले गए थे

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 21, 2023 पर 12:41 PM
Flipkart और PhonePe के रास्ते अलग होने के बाद भी एक-दूसरे से होकर गुजरते हैं, जानिए दोनों  के अलग होने की कहानी
फ्लिपकार्ट अपनी मौजूदगी पेमेंट प्लेटफॉर्म स्पेस में चाहती थी। इसके लिए उसने फोनपे के फाउंडर्स को फिर से फ्लिपकार्ट का हिस्सा बनने के लिए मनाना शुरू किया। उसने फोनपे के फाउंडर्स पर्याप्त फंडिंग कंपनी चलाने में पूरी आजादी देने का भी वादा किया

Flipkart ने करीब दो हफ्ते पहले Axis Bank से मिलकर लोने देने के लिए एक प्लेटफॉर्म लॉन्च करने का ऐलान किया था। फ्लिपकार्ट की सिस्टर कंपनी और फिनटेक फर्म PhonePe ने एक महीने से कम समय पहले कारोबारियों के लिए एक मार्केटप्लेस लॉन्च किया था। यूनिफायड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) में फोनपे मार्केट लीडर है। इसकी बाजार हिस्सेदारी करीब 47 फीसदी है। Flipkart अब अपना यूपीआई पेमेंट प्लेटफॉर्म लॉन्च करने के बारे में सोच रहा है। पहले से उसका यूटिलिटी पेमेंट प्लेटफॉर्म्स हैं और वह इन पर काफी इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स बेचती है। इन प्लेटफॉर्म्स पर होटल, बस और ट्रेन टिकट्स और फ्लाइट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। यह मजेदार बात यह है कि फ्लिपकार्ट Cleartrip का इस्तेमाल करती है। उसने 2021 में इन सर्विसेज के लिए क्लियरट्रिप को खरीदा था। PhonePe बतौर पार्टनर Makemytrip का इस्तेमाल करती है।

फोनपे ने लॉन्च किया ईकॉमर्स ऐप पिनकोड

इस साल अप्रैल में फोनपे ने सरकार के नॉन-प्रॉफिट प्लेटफॉर्म ONDC पर ईकॉमर्स ऐप Pincode लॉन्च किया था। हालांकि, इसका सीधा मुकाबला फ्लिपकार्ट से नहीं है, लेकिन ऐसा ऐसा लगता है है कि इन कंपनियों का आपस में प्रतियोगिता है। Flipkart और PhonePe में अमेरिकी रिटेल कंपनी Walmart की आधा से ज्यादा हिस्सेदारी है। पहले PhonePe फ्लिपकार्ट की सब्सिडयरी थी। लेकिन, यह दिसंबर 2022 में फ्लिपकार्ट से अलग हो गई। अब फोनपे में फ्लिपकार्ट की कोई हिस्सेदारी नहीं है। फोनपे में अब वॉलमार्ट से बाहर के निवेशकों का निवेश है, जिनका अनुमान है कि फोनपे एक दिन फ्लिपकार्ट से बड़ी कंपनी बन जाएगी।

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