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5 करोड़ डॉलर से ज्यादा की वेंचर कैपिटल फंडिंग हासिल करने वाली स्टार्टअप्स के मामले में भारत चौथे नंबर पर

पॉलिसी एडवाइजरी और रिसर्च फर्म स्टार्टअप जीनोम की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टार्टअप्स के लिए डिस्क्लोज्ड वेंचर कैपिटल फंडिंग हासिल करने के मामले में सिर्फ तीन देश भारत से आगे हैं। इन तीन देशों में अमेरिका, चीन और ब्रिटेन शामिल हैं। इस रिपोर्ट में 40 देशों के 80 शहरों से जुड़ी 12,400 स्टार्टअप्स को शामिल किया गया। इनमें अमेरिका 7,184, चीन की 1,491, ब्रिटेन की 623 और भारत की 429 स्टार्टअप्स शामिल हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 27, 2023 पर 8:38 PM
5 करोड़ डॉलर से ज्यादा की वेंचर कैपिटल फंडिंग हासिल करने वाली स्टार्टअप्स के मामले में भारत चौथे नंबर पर
रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका को छोड़कर कई बड़े देशों की स्टार्टअप अपने लोकल बाजार पर ज्यादा फोकस करती हैं।

भारत उन स्टार्टअप्स के मामले में चौथे स्थान पर है, जिनमें 5 करोड़ डॉलर से ज्यादा वेंचर कैपिटल (VC) निवेश हुआ है। पॉलिसी एडवाइजरी और रिसर्च फर्म स्टार्टअप जीनोम (Startup Genome) की हालिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिसर्च फर्म की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टार्टअप्स के लिए डिस्क्लोज्ड वेंचर कैपिटल फंडिंग हासिल करने के मामले में सिर्फ तीन देश भारत से आगे हैं। इन तीन देशों में अमेरिका, चीन और ब्रिटेन शामिल हैं। इस रिपोर्ट में 40 देशों के 80 शहरों से जुड़ी 12,400 स्टार्टअप्स को शामिल किया गया। इनमें अमेरिका 7,184, चीन की 1,491, ब्रिटेन की 623 और भारत की 429 स्टार्टअप्स शामिल हैं।

इस रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत में 429 स्केलअप कंपनियां हैं, जिनका कुल वेंचर कैपिटल इनवेस्टमेंट 127 अरब डॉलर और कुल टेक्निकल वैल्यू इनवेस्टमेंट 446 अरब डॉलर है। इन दोनों इनवेस्टमेंट के मामले में भारत ने ब्रिटेन को पीछे छोड़ दिया है। भारतीय स्टार्टअप का पूरी दुनिया में बोलबाला है। उनके 50 पर्सेंट से ज्यादा कस्टमर्स एशिया के बाहर हैं।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका को छोड़कर कई बड़े देश अपने लोकल बाजार में ज्यादा फोकस करते हैं। ऐसा करने से उनमें ग्रोथ की संभावनाएं ज्यादा रहती हैं। चूंकि घरेलू बाजार का साइज बड़ा होता है, ऐसे में वे कई बार ग्लोबल मार्केट से ज्यादा मुनाफा दे सकते हैं। ऐसे में ग्लोबल मार्केट की बजाय ज्यादातर देश अपने यहां की स्टार्टअप्स पर फोकस रखते हैं।

भारत में बिजनेस टू कस्टमर यानी बी2सी स्टार्टअप काफी ज्यादा सफल रही हैं। रिपोर्ट में 'लोकल कनेक्टिविटी इंडेक्स' का कॉन्सेप्ट पेश किया है। इसमें बताया गया है कि भारत में हाई लोकल कनेक्टिविटी इंडेक्स वाले शुरुआती फेज की स्टार्टअप्स का रेवेन्यू कम इंडेक्स वाले स्टार्टअप की तुलना में दोगुनी तेजी से बढ़ रहा है। इसके अलावा, रिपोर्ट ग्लोबल कनेक्शन पर भी फोकस करती है। एक स्ट्रॉन्ग ग्लोबल नेटवर्क डेवलप करने वाली स्टार्टअप में सीमित ग्लोबल कनेक्शन वाली स्टार्टअप की तुलना में 3.2 गुना ज्यादा क्षमता है। ऐसे इकोसिस्टम जो सिलिकॉन वैली, न्यूयॉर्क और लंदन जैसे टॉप ग्लोबल सेंटर के साथ ज्यादा जुड़े हैं, वे स्टार्टअप दुनियाभर में काफी तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

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