Lido Learning insolvency : एडटेक स्टार्टअप लिडो लर्निंग ने 1,200 कर्मचारियों की छंटनी के सात महीने से नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच में इनसॉल्वेंसी के लिए आवेदन किया है। कंपनी ने मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (MCA) में दी रेगुलेटरी फाइलिंग में यह जानकारी दी है। vccircle की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Lido Learning के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी (IBC) कोड 2016 के सेक्शन 10 के तहत आवेदन करने के लिए एक स्पेशल रिजॉल्युशन पारित किया है।
अलीबाबा सहित इन इनवेस्टर्स से जुटाए 2.73 करोड़ डॉलर
Lido Learning ने अलीबाबा की BACE Ventures, Picus Capital जैसे दिग्गज इंस्टीट्यूशन इनवेस्टर्स और Vijay Shekhar Sharma, Mukesh Bansal, Anupam Mittal and Ananth Narayanan जैसे प्रमुख आंत्रप्रेन्योर्स सहित 9 यूनिकॉर्न से 2.73 करोड़ डॉलर जुटाए थे।
कंपनी ने एमसीए फाइलिंग में कहा, “कंपनी अपना बकाया कर्ज चुकाने में असमर्थ है। कंपनी डिफॉल्ट कर चुकी है। शेयरहोल्डर्स से इनसॉल्वेंसी के लिए आवेदन करने के लिए मंजूरी मिल चुकी है। कर्जों के समाधान के लिए एनसीएलटी, मुंबई बेंच में आवेदन किया गया है।” सितंबर, 2021 में कंपनी ने Ronnie Screwvala के Unilazer Ventures से 1 करोड़ डॉलर जुटाए थे।
एक समय तेजी से बढ़ रही थी कंपनी
एक समय ऑनलाइन ट्यूशन कंपनी की ग्रोथ तेज रही थी और वित्त वर्ष के अंत तक 10 करोड़ डॉलर के औसत रेवेन्यू की ओर बढ़ रही थी। Lido Learning केजी से ग्रेड 12 तक सीबीएसई और आईसीएसई के स्टूडेंट्स को मैथ्स, साइंस और इंग्लिश की ट्यूशन की पेशकश करती है।
कंपनी की भारत के साथ ही विदेश में तेजी से बिजनेस बढ़ाने की योजना थी। Lido Learning का पहला टीवी विज्ञापन संभवतः आईपीएल सीजन के दौरान लाइव हुआ था। इसके साथ ही कंपनी ने अपना फ्री यूजर ऐप लॉन्च किया था।
अगस्त 2022 तक Unacademy (1,150 employees), BYJU'S (550) और Vedantu (724) सहित कई एडटेक कंपनियां 6,000 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी हैं।